
चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने साफ किया है कि टीम हमेशा चाहती है कि एमएस धोनी किसी न किसी रूप में सीएसके से जुड़े रहें। हालांकि, पूर्व कप्तान के भविष्य को लेकर कोई भी फैसला पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर करेगा।
आईपीएल 2026 के बाद बढ़ती रिटायरमेंट की चर्चाओं के बीच सीएसके के सीईओ ने कहा कि फ्रेंचाइज़ी अब भी धोनी को चेन्नई सेटअप का लंबे समय तक हिस्सा मानती है।
इस महीने गुजरात टाइटंस के खिलाफ बुरी हार और प्लेऑफ से बाहर होने के बाद सीएसके का एक और खराब सीजन खत्म हुआ। सीजन के बाद RevSportz को दिए इंटरव्यू में काशी विश्वनाथन ने धोनी के भविष्य पर बात की और मौजूदा कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पर उनके प्रभाव की भी तारीफ की।
कासी ने कहा, “अभी तक हमारी एमएस से इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है। एमएस अपने फैसले खुद लेते हैं और हम उनका सम्मान करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम हमेशा चाहेंगे कि वह किसी न किसी भूमिका में सीएसके का स्थायी हिस्सा बने रहें — चाहे खिलाड़ी के रूप में, कोच, मेंटर या जिस भी भूमिका में वह रहना चाहें। अंतिम फैसला पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर करता है।”
काशी ने यह भी माना कि सीएसके के बदलाव के दौर में धोनी और हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने ऋतुराज गायकवाड़ को एक शांत और समझदार कप्तान बनने में बड़ी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “ऋतुराज ने तीन-चार साल तक एमएस को करीब से देखकर उनसे बहुत कुछ सीखा है। एमएस और फ्लेमिंग ने उन्हें बेहद शांत कप्तान बनाया है। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले वर्षों में वह इन गुणों को और बेहतर तरीके से दिखाएंगे।”
44 वर्षीय धोनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि वह इस सीजन में फिटनेस समस्याओं के कारण एक भी मैच नहीं खेल पाए। हालांकि उन्होंने आधिकारिक रिटायरमेंट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन आईपीएल 2026 को कई लोग सीएसके में “धोनी युग” के अंत की शुरुआत मान रहे हैं।
लगातार बढ़ती पुरानी पिंडली (काफ) की चोट और अंगूठे की समस्या के कारण धोनी पूरा आईपीएल 2026 नहीं खेल सके।
टूर्नामेंट के दौरान वह पूरी तरह फिट नहीं हो पाए, हालांकि टीम के साथ जुड़े रहे और बेंच से मैच देखते रहे। उनकी गैरमौजूदगी से सीएसके का मिडिल ऑर्डर काफी कमजोर दिखा और टीम पूरे सीजन संघर्ष करती रही।
मैदान पर न होने के बावजूद धोनी ड्रेसिंग रूम का अहम हिस्सा बने रहे। इससे पहले हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी धोनी की ऑफ-फील्ड भूमिका का बचाव करते हुए कहा था कि टीम के बदलाव के दौर में उनका प्रभाव अब भी बेहद जरूरी है।
इस सीजन चेपॉक में सीएसके के आखिरी घरेलू मैच के बाद धोनी के भविष्य को लेकर भावनाएं सबसे ज्यादा नजर आईं। सनराइजर्स हैदराबाद से हार के बाद जब टीम पारंपरिक “लैप ऑफ थैंक्स” कर रही थी, तब धोनी ने दर्शकों की ओर हाथ हिलाया। कई फैंस ने इसे संभावित विदाई के रूप में देखा।








