विंबलडन जीत के बाद भावुक हुईं लिंडा नोस्कोवा, करीबी दोस्त कैरोलिना मुचोवा को हराने के बाद छलक पड़े खुशी के आंसू!

करीबी दोस्त कैरोलिना मुचोवा को हराकर विंबलडन खिताब जीतने के बाद लिंडा नोस्कोवा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने स्वीकार किया कि यह जीत उनके लिए भावनाओं से भरा एक यादगार सफर रही।

शनिवार को सेंटर कोर्ट पर खेले गए रोमांचक फाइनल में नोस्कोवा ने मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराकर अपना पहला विंबलडन खिताब जीता। दूसरे सेट में पांच मैच प्वाइंट गंवाने के बावजूद 21 वर्षीय नोस्कोवा ने शानदार वापसी की। वह 2011 में पेट्रा क्वितोवा के बाद विंबलडन जीतने वाली सबसे युवा चेक महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

दूसरा सेट हारने के बाद नोस्कोवा की आंखों से आंसू निकल पड़े थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और निर्णायक सेट में बेहतरीन खेल दिखाकर जीत अपने नाम की। मैच के बाद ऑन-कोर्ट इंटरव्यू के दौरान भी नौवीं वरीयता प्राप्त नोस्कोवा भावुक होकर रो पड़ीं।

उन्होंने कहा, “इन दो हफ्तों में हर मैच शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन रहा। खासकर आज आखिरी अंक जीतना बिल्कुल आसान नहीं था।”

कोर्ट के बाहर नोस्कोवा और मुचोवा बहुत अच्छी दोस्त हैं। दोनों ने 2024 पेरिस ओलंपिक में डबल्स भी साथ खेला था। नोस्कोवा ने कहा कि अपनी दोस्त को पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने से चूकने के बाद रोते हुए देखना उनके लिए भी बेहद मुश्किल था।

उन्होंने मुचोवा से कहा, “कारो, तुमने मुझे जीत के लिए बहुत मेहनत करने पर मजबूर कर दिया। जैसा कि तुमने कहा, हम दोस्त हैं। मुझे खुशी है कि मेरा पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल तुम्हारे खिलाफ हुआ। तुम एक जबरदस्त फाइटर हो। मुझे लगता है कि आज हमने इतिहास रचा है। नतीजा चाहे जो भी हो, हमारे सभी चेक प्रशंसकों को हम दोनों पर गर्व होगा।”

इस ऐतिहासिक जीत को नोस्कोवा ने अपनी मां को समर्पित किया, जिनका 2024 में निधन हो गया था। इस पल ने पूरे समारोह को और भी भावुक बना दिया।

उन्होंने आसमान की ओर देखते हुए कहा, “मैं एक और शख्स का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं—मेरी मां। आपके बिना मैं आज यहां कभी नहीं पहुंच पाती।”

इसके बाद उन्होंने आसमान की ओर फ्लाइंग किस भेजी।

नोस्कोवा ने आगे कहा, “मैं आमतौर पर रोती नहीं हूं। लेकिन पिछले दो हफ्तों की सारी मेहनत और पसीना आज सफल हो गया। मैं अगले साल फिर यहां लौटने का इंतजार नहीं कर सकती।”

चेक गणराज्य में जन्मी और अमेरिका का प्रतिनिधित्व करते हुए कई बार विंबलडन जीत चुकीं मार्टिना नवरातिलोवा भी रॉयल बॉक्स में मौजूद प्रिंसेस ऑफ वेल्स के साथ इस भावुक पल में अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक सकीं।

वहीं मुचोवा भी इंटरव्यू के दौरान खुद को संभाल नहीं पाईं और उनकी आंखें नम हो गईं।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरे पास शब्द नहीं हैं। सबसे पहले लिंडा… मेरी पूर्व दोस्त! मैं मजाक कर रही हूं… थोड़ा-सा।”

इसके बाद उन्होंने कहा, “तुम अभी बहुत युवा हो। यह तुम्हारा पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था और जिस तरह तुमने खेला, वह अविश्वसनीय था। तुम बहुत अच्छी इंसान हो और इस जीत की पूरी हकदार हो।”

आंसुओं के बीच मुचोवा ने आगे कहा, “इस समय मैं बहुत निराश हूं। जब मैं अपने कोने की तरफ देखती हूं… माफ कीजिए, यह पल बहुत भावुक है।”

उन्होंने अंत में दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा, “मैं और मेहनत करूंगी। मुझे वह ट्रॉफी चाहिए। उम्मीद है कि मुझे फिर से किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा।”