
वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन वह एक और बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए। इस युवा बल्लेबाज़ ने स्वीकार किया कि उन्हें आईपीएल के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड के बारे में जानकारी ही नहीं थी, जिसे वह सिर्फ तीन रन से चूक गए।
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 12 छक्के और 5 चौके शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 334.48 रहा। उनकी इस धमाकेदार पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 47 रन से जीत दर्ज की।
सबसे तेज आईपीएल शतक के रिकॉर्ड से चूकने के बारे में पूछे जाने पर वैभव ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में कहा, “मुझे मैच खत्म होने के बाद पता चला।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरा फोकस सिर्फ छक्का लगाने पर था। मैं आगे भी शतक बनाऊंगा, लेकिन उस समय मेरा ध्यान टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर था। मैं बस अपनी योजना पर काम करता हूं और अगर कोई कमी होती है तो उसे सुधारने की कोशिश करता हूं।”
बड़े मुकाबले की तैयारी के बारे में वैभव ने कहा, “मैं कोशिश करता हूं कि गेंदबाज़ों को कैसे खेलना है, इसका विश्लेषण करूं और बाउंड्री की लंबाई समझूं। जब मैं अच्छा इंटेंट दिखाता हूं तो गेंदबाज़ दबाव में आ जाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हम जीते हैं, इसलिए अब जश्न मनाएंगे और अगले मैच में भी अच्छा करने की कोशिश करेंगे। मैं गेंदबाज़ों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता, बस अपना खेल खेलने की कोशिश करता हूं।”
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कहा कि टीम मैनेजमेंट वैभव को पूरी आज़ादी देता है।
पराग ने कहा, “हम उससे ज्यादा बातें नहीं करते, बस उसे अकेला छोड़ देते हैं। हम उसे खूब बल्लेबाज़ी अभ्यास देते हैं और फिर वह अपना काम करता है।”
मैच के बारे में बात करते हुए पराग ने कहा, “मुझे परफेक्शन पसंद है, लेकिन आज भी हमें 260 रन बनाने चाहिए थे। हालांकि गेंदबाज़ी में हम शानदार रहे और दबाव में अच्छा प्रदर्शन किया।”
उन्होंने माना कि लगातार दो करो या मरो मुकाबलों ने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाया है।
“आप ऐसा कह सकते हैं। ऐसे मैच खिलाड़ियों से बेस्ट निकलवाते हैं। पिछले दो मुकाबलों में हर खिलाड़ी ने बढ़कर प्रदर्शन किया है।”
सनराइजर्स हैदराबाद के टॉप ऑर्डर के बारे में जॉफ़्रा आर्चर ने कहा कि उनके खिलाफ गेंदबाज़ी करते समय धैर्य बनाए रखना जरूरी होता है।
आर्चर ने कहा, “आमतौर पर जो टीम पावरप्ले में ज्यादा विकेट लेती है, वही मैच जीतती है और हमने वही किया। SRH के टॉप ऑर्डर के खिलाफ आपको सिर्फ अपना धैर्य बनाए रखना होता है। आपकी अच्छी और खराब दोनों गेंदें बाउंड्री जा सकती हैं, इसलिए टिके रहना पड़ता है।”
वैभव की पारी पर आर्चर ने कहा, “वह पारी बेहद रोमांचक थी। वह जितने ज्यादा रन बनाएगा, हमारे लिए डिफेंड करना उतना आसान होगा। वह 150 रन भी बना सकता है।”
जब उनसे पूछा गया कि वैभव को कैसे गेंदबाज़ी करनी चाहिए, तो आर्चर ने मजाक में कहा, “मैं आपको आईपीएल खत्म होने के बाद बताऊंगा।”
फाइनल तक के सफर पर उन्होंने कहा, “एक समय में एक मैच। हम सही दिशा में जा रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे साथ वही हो जो किंग्स इलेवन के साथ हुआ था।”
वहीं सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने हार की वजह गलत समय पर विकेट गिरना बताया।
कमिंस ने कहा, “245 रन का पीछा करने के लिए कई चीजें सही होनी चाहिए, लेकिन हमने गलत समय पर विकेट गंवा दिए। हम टॉप-2 में पहुंचने से बस थोड़ा दूर रह गए, लेकिन खिलाड़ियों की मेहनत पर कोई शक नहीं कर सकता।”
वैभव की बल्लेबाज़ी पर कमिंस ने कहा, “उसने बहुत अच्छी बल्लेबाज़ी की। पिच काफी अच्छी थी, लेकिन फर्क बहुत छोटा होता है। आप यॉर्कर मिस करते हैं और वह मौका नहीं छोड़ता। विकेट अच्छा था और हमारी टीम काफी संतुलित है।”








