
पूर्व भारतीय महिला कप्तान अंजुम चोपड़ा और पूर्व भारतीय पुरुष कप्तान सौरव गांगुली को शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के प्रतिष्ठित हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
एडिनबर्ग में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन भी इस प्रतिष्ठित सूची में भारतीय दिग्गजों के साथ शामिल हुए।
ICC चेयरमैन जय शाह ने कहा, “मुझे ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किए गए नए सदस्यों का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। यह उन असाधारण खिलाड़ियों को सम्मानित करने का अवसर है, जिनकी उपलब्धियों ने हमारे खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस वर्ष शामिल किए गए सभी खिलाड़ियों ने उत्कृष्टता के सर्वोच्च मानकों को स्थापित किया है और दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों का सम्मान अर्जित किया है।”
जय शाह ने तीनों खिलाड़ियों के खेल पर पड़े प्रभाव की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, “सौरव, अंजुम और केविन तीनों ने गर्व के साथ अपने-अपने राष्ट्रीय टीमों की कप्तानी की है। ICC की ओर से मैं उन्हें इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। ICC हॉल ऑफ फेम में उनकी जगह यह सुनिश्चित करती है कि उनकी उपलब्धियों को आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी और उनका नाम क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों के साथ लिया जाएगा।”
इस सम्मान को सौरव गांगुली ने अपने जीवन के सबसे “अनमोल पलों” में से एक बताया। ऐसे समय में जब भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रहा था, गांगुली की कप्तानी ने भारतीय क्रिकेट की दिशा बदल दी थी।
गांगुली ने कहा, “ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों के बीच अपना नाम देखना मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। भारत का प्रतिनिधित्व करना और खेल के कई महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है। अब इस तरह सम्मानित किया जाना वास्तव में बेहद खास है।”
करीब साढ़े दस साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 18,575 रन बनाने वाले और बाद में BCCI अध्यक्ष रहे गांगुली ने कहा कि वह भविष्य में भी क्रिकेट से जुड़े रहना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं श्री जय शाह का इस बड़े सम्मान के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं। मेरे लिए यह किसी भी क्रिकेटर को मिलने वाला सर्वोच्च सम्मान है। क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है और मैं आने वाले वर्षों में भी इस खेल की सेवा करता रहना चाहता हूं। मैं इस अवसर पर अपने परिवार और सभी करीबी लोगों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया।”
वहीं अपने खेल करियर के बाद कमेंट्री की दुनिया में सक्रिय अंजुम चोपड़ा ने कहा कि क्रिकेट इतिहास के महान खिलाड़ियों के साथ अपना नाम जुड़ना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है।
उन्होंने कहा, “एक खेल प्रेमी परिवार में पली-बढ़ी होने के कारण बचपन से ही मैंने क्रिकेट के महान खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों की कहानियां सुनी थीं। तभी से भारत के लिए खेलने का सपना मेरे मन में बस गया था।”
अंजुम भारत की पहली महिला क्रिकेटर थीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1000 रन पूरे किए। उन्होंने भारत के लिए 12 टेस्ट, 127 वनडे और 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
उन्होंने आगे कहा, “…मुझे भारत की जर्सी पहनने का सौभाग्य मिला और मैंने हमेशा गर्व के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया। खेल के महानतम खिलाड़ियों के बीच इस सम्मान को प्राप्त करना उन सभी लोगों के लिए भी सम्मान है, जिन्होंने मेरे करियर को आकार देने में योगदान दिया। मैं उन सभी की आभारी हूं और ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होकर बेहद खुश हूं।”








