
शनिवार को साउथैम्पटन में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम हर मैदान पर बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में नाकाम रही।
डरहम के चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला जाने वाला पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था।
हालांकि साउथैम्पटन की पिच पूरी सीरीज की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी विकेट थी, लेकिन इंग्लैंड के 257/3 के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए भारत लगातार अंतराल पर विकेट गंवाता रहा और कभी मुकाबले में वापसी नहीं कर सका।
मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान अय्यर ने कहा, “इस सीरीज से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। परिस्थितियां, जागरूकता और खुद को ढालना। यह इस सीरीज की सबसे अच्छी बल्लेबाजी विकेट थी, लेकिन हमारी बल्लेबाजी का अप्रोच अलग था। पहले मैच से ही परिस्थितियां बदलती रहीं। हमें प्रोफेशनल खिलाड़ी के तौर पर इन परिस्थितियों को समझना होगा और उसी के अनुसार खुद को ढालना होगा।”
कप्तान ने खराब फील्डिंग और लक्ष्य का पीछा करते समय साझेदारियां नहीं बना पाने को भारत की सबसे बड़ी कमजोरियां बताया।
“हमें यह समझना होगा कि हम क्या बेहतर कर सकते थे। फील्डिंग बेहद अहम भूमिका निभाती है और हमें इस पर काम करना होगा। खासकर विदेशी परिस्थितियों में, जहां मैदानों के आयाम अलग होते हैं। हमने आसान कैच छोड़े, जिसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। अगर स्कोर 220-225 होता तो शायद हम उसका पीछा कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।”
अय्यर ने बल्लेबाजी के दौरान लगातार विकेट गिरने पर भी निराशा जताई।
“हमने एक साथ कई विकेट गंवा दिए। हम साझेदारी बनाने के बजाय सिर्फ लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश कर रहे थे। हमें गेंदबाजों को टारगेट करना चाहिए था और थोड़ा समय लेना चाहिए था। उनकी गेंदबाजी का निष्पादन बिल्कुल सटीक था। जोस बटलर शानदार रहे और हैरी ब्रूक ने मैच का पूरा मोमेंटम बदल दिया। उनकी साझेदारी ने इंग्लैंड की पारी को संभाल लिया।”
इंग्लैंड की पारी की नींव कप्तान हैरी ब्रूक और जोस बटलर के बीच हुई 233 रन की मैच जिताऊ साझेदारी ने रखी, जिसने भारत को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया।
सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए ब्रूक ने इंग्लैंड के हर विभाग में शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में क्लीन स्वीप किया और आईसीसी टी20 रैंकिंग में भी नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया।
उन्होंने कहा, “हमने इस सीरीज का भरपूर आनंद लिया। हमने अच्छी रनिंग की, चौके-छक्के लगाए और एक-दूसरे का शानदार साथ दिया। हमारी कोशिश थी कि खुद को सबसे अच्छी स्थिति में पहुंचाएं। क्रिकेट एक आसान खेल है, लेकिन हम उसे खुद ही मुश्किल बना देते हैं। हमने सिर्फ गेंद को देखा और उसके हिसाब से सही शॉट खेला। इस समय मैं गेंद को बहुत अच्छी तरह हिट कर रहा हूं।”
उन्होंने अपनी 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की पारी का जिक्र करते हुए यह बात कही।
ब्रूक ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने पर भी खुशी जताई।
“हम दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन गए हैं। कुछ मैच पहले ही हमारा लक्ष्य यही था। पूरी टीम बेहद खुश है और हम इस उपलब्धि का जश्न मनाने के हकदार हैं।”
ब्रूक ने इंग्लैंड के स्पिनरों की भी जमकर तारीफ की, जिन्होंने भारतीय स्पिनरों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।
“बल्लेबाजी करते समय आपको खुद गेंद में गति पैदा करनी होती है। हमारे स्पिनर बेहद समझदारी से गेंदबाजी करते हैं और बल्लेबाजों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। हमने काफी स्पिन गेंदबाजी की और हमारे स्पिनरों ने शानदार प्रदर्शन किया। पिछले 12 महीनों में हमारी आपसी बातचीत बहुत अच्छी रही है और हमने अपनी योजनाओं को बेहतरीन तरीके से लागू किया है।”
प्लेयर ऑफ द मैच बने जोस बटलर ने इंग्लैंड की शानदार सीरीज जीत को पूरी टीम की मेहनत का नतीजा बताया और खराब फॉर्म से बाहर निकलने पर खुशी जताई।
बटलर ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 64 गेंदों में 131 रन की पारी खेलने के बाद कहा, “मैं बेहद खुश हूं। कुछ समय से मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा था, लेकिन अब अपनी पुरानी लय में लौटकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे हमेशा विश्वास था कि यह समय आएगा। आईपीएल में भी मैं अपनी बल्लेबाजी से खुश था, लेकिन इंग्लैंड की जर्सी पहनकर खेलने का एहसास ही अलग होता है।”
बटलर ने कप्तान हैरी ब्रूक की भी जमकर तारीफ की।
“हैरी कमाल के खिलाड़ी हैं। वह गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखते हैं। आपको खुद को समय देना होता है, खुद पर भरोसा रखना होता है और अपने खेल पर विश्वास बनाए रखना होता है। हम ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहते थे। इस बड़े मैदान पर हमने काफी दो-दो रन लिए, जिससे बड़े ओवर बनाने में मदद मिली। पिच भी शानदार थी और हमें इतने रन की जरूरत भी थी।”
बटलर ने इस सीरीज जीत को पूरी टीम का सामूहिक प्रयास बताया।
“यह पूरी टीम का शानदार प्रदर्शन था। भारत जैसी मजबूत टीम को 4-0 से हराना बड़ी उपलब्धि है। अलग-अलग खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—हर विभाग में बेहतरीन योगदान दिया, और यही बात हमें सबसे ज्यादा खुशी देती है।”








