
गुजरात टाइटंस और दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा का कहना है कि पिछले एक उथल-पुथल भरे साल में आईसीसी ट्रॉफी जीतने की खुशी और डोपिंग बैन जैसे कठिन दौर से गुजरने के बाद अब उन्होंने आलोचनाओं को गंभीरता से लेना छोड़ दिया है।
पिछले साल आईपीएल के दौरान कोकीन सेवन के कारण लगे एक महीने के प्रतिबंध की वजह से रबाडा को टूर्नामेंट का बड़ा हिस्सा मिस करना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने कुछ ही हफ्तों में वापसी की और जून 2025 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम का हिस्सा बने।
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में रबाडा ने कहा, “मैंने इससे यही सीखा कि लोगों की राय को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। दुनिया की बातों और चीजों को भी बहुत ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। कई बार बातें जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जो चीजें सच में मायने रखती हैं, वो हैं आपके अपने लोग और आप खुद अपने बारे में क्या महसूस करते हैं। यही मैंने सीखा है। आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते और न ही इसकी कोशिश करनी चाहिए। बस याद रखिए कि आप कौन हैं।”
करीब 600 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके 30 वर्षीय रबाडा पिछले साल दिसंबर में पसली की चोट के कारण भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं खेल पाए थे।
पिछले नवंबर में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसकी ही धरती पर 2-0 से हराकर इतिहास रचा था। रबाडा इस आईपीएल सीजन में 21 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल हैं और लगातार 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं।
रबाडा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जो तीनों फॉर्मेट खेलते हैं। हालांकि, दुनिया भर में लगातार बढ़ते क्रिकेट शेड्यूल के बीच तीनों फॉर्मेट खेलना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। रबाडा मानते हैं कि चोटों से बचने के लिए अतिरिक्त रिकवरी समय जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा, “हाँ, मेरा शरीर अभी काफी अच्छा महसूस कर रहा है। भगवान का शुक्र है। मैं लगातार इस बात का ध्यान रख रहा हूं कि छोटी समस्याएं आगे जाकर बड़ी परेशानी न बनें। अब चीजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और मैं यही करने की कोशिश कर रहा हूं।”
फिटनेस रूटीन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “फिटनेस रूटीन में कोई बड़ा बदलाव नहीं है। बस उम्र बढ़ने के साथ छोटी-छोटी चीजों पर ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। मैं हमेशा से मेहनत करने वाला इंसान रहा हूं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या तीनों फॉर्मेट खेलने के लिए चुनिंदा टूर्नामेंट खेलना ही सही रास्ता है, तो उन्होंने कहा, “मैं ‘पिक एंड चूज़’ वाला शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहूंगा। मैं कहूंगा कि समझदारी से फैसला लेना जरूरी है कि कब और क्या खेलना है।”
रबाडा ने इस साल मेजर लीग क्रिकेट और द हंड्रेड जैसी फ्रेंचाइजी लीग्स से दूर रहने का फैसला किया है, क्योंकि आने वाले समय में दक्षिण अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ अहम टेस्ट सीरीज खेलनी हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी भी करनी है।
उन्होंने कहा, “आपको पूरे साल की प्लानिंग करनी पड़ती है। हमारे पास एमएलसी और द हंड्रेड जैसी लीग्स खेलने का मौका होता है, लेकिन मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार रहने के लिए इन लीग्स का त्याग कर रहा हूं।”








