आईपीएल 2026 : पंजाब किंग्स को मिली सलाह — दबाव छोड़कर बेखौफ क्रिकेट खेलने की जरूरत!

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज़ मार्क बाउचर का मानना है कि पंजाब किंग्स आईपीएल के निर्णायक चरण में अपनी सोच बदलकर और बिना डर के क्रिकेट खेलकर फिर से लय हासिल कर सकती है। गुरुवार को धर्मशाला में मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को छह विकेट से हराया, जो इस सीजन में उनकी लगातार पांचवीं हार थी।

जियोहॉटस्टार के “गूगल सर्च एआई मोड मैच सेंटर लाइव” पर बात करते हुए बाउचर ने कहा, “सीजन की शानदार शुरुआत के बाद लगातार करीबी मुकाबले हारने से पंजाब किंग्स मुश्किल स्थिति में पहुंच गई है।”

उन्होंने कहा कि लगातार टॉप-4 और क्वालिफिकेशन के समीकरणों के बारे में सोचने से टीम पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

बाउचर ने कहा, “कभी-कभी टॉप-4 और क्वालिफिकेशन को लेकर लगातार सोचते रहने से दबाव बढ़ जाता है। शायद उस मानसिकता से बाहर निकलना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि टीम को अब निडर होकर खेलने की जरूरत है।

“अगर वे बाकी मैचों में बेखौफ अंदाज में उतरें और यह सोचें कि अब खोने के लिए कुछ नहीं है, तो इससे मानसिक रूप से आज़ादी मिलेगी।”

बाउचर ने कहा कि आईपीएल ऐसा टूर्नामेंट है जहां मोमेंटम बहुत तेजी से बदल सकता है।

उन्होंने कहा, “अब पंजाब किंग्स को मानसिक रूप से रीसेट करने और सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलने पर ध्यान देने की जरूरत है।”

बाउचर के अनुसार, पंजाब ने मैदान पर सही इरादा और ऊर्जा दिखाई, लेकिन अहम मौकों का फायदा नहीं उठा सकी।

उन्होंने कहा, “ऐसे मैचों में छोटे-छोटे पल बड़ा फर्क पैदा करते हैं। पंजाब किंग्स ने फील्डिंग में अच्छी ऊर्जा और इरादा दिखाया। आप महसूस कर सकते थे कि टीम मुकाबले में बने रहने के लिए कितनी बेताब थी।”

“लेकिन अहम समय पर चीजें उनके पक्ष में नहीं गईं। कुछ छोटे अंतर, जैसे एज लगकर गेंद का निकल जाना या दबाव में खराब निष्पादन, काफी महंगे साबित हुए।”

पूर्व भारतीय लेग स्पिनर पीयूष चावला ने कहा कि पंजाब की गेंदबाज़ी, खासकर विदेशी तेज गेंदबाज़ों का प्रदर्शन, टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बन गया है।

चावला ने कहा, “पंजाब किंग्स अब बहुत दबाव में है क्योंकि टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उन्हें अपने बाकी सभी मैच जीतने होंगे। जिस तरह की शुरुआत उन्होंने की थी, उसके बाद बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि वे इस स्थिति में पहुंचेंगे।”

उन्होंने कहा कि हाई-स्कोरिंग मुकाबलों में मार्को यानसन और ज़ेवियर बार्टलेट की खराब फॉर्म ने टीम को काफी नुकसान पहुंचाया है।

चावला ने कहा, “गेंदबाज़ी बड़ी चिंता बन गई है, खासकर विदेशी तेज गेंदबाज़ों की खराब फॉर्म और निरंतरता की कमी के कारण।”

“मार्को यानसन अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं दिखे, जबकि ज़ेवियर बार्टलेट नई गेंद के शुरुआती स्पेल के बाद संघर्ष करते नजर आए। जब आपके मुख्य विदेशी तेज गेंदबाज़ काफी रन लुटा दें, तो 200 से ज्यादा के लक्ष्य को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है।”

हालांकि, चावला ने मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज़ विल जैक्स और तिलक वर्मा की मैच जिताऊ साझेदारी की जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा, “दबाव वाले हालात में अपनी बुनियादी चीजों पर वापस जाना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि वही आदतें सालों के अनुभव से बनती हैं।”

“तिलक वर्मा और विल जैक्स ने यही किया। उन्होंने ज्यादा ताकत लगाने की बजाय अपने शॉट्स की शेप और तकनीक पर भरोसा रखा। बीच में उनकी बातचीत भी काफी अहम रही। यही स्पष्टता और संयम रन चेज़ में बड़ा फर्क लेकर आया।”