आईपीएल 2026: रजत पाटीदार की धमाकेदार पारी से भारत की टी20 टीम में चयन पर छिड़ी बहस!

कुछ साल पहले धर्मशाला में ही रजत पाटीदार को चोट और खराब फॉर्म की वजह से भारतीय टीम से बाहर होना पड़ा था।

मार्च 2024 में एचपीसीए स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के दौरान उन्होंने तीन मैचों में छह बार स्पिनरों के खिलाफ विकेट गंवाए थे। इसके बाद अंतिम टेस्ट के लिए देवदत्त पडिक्कल ने उनकी जगह ले ली थी।

लेकिन अब उसी खूबसूरत धौलाधार पहाड़ियों की बैकग्राउंड वाले धर्मशाला मैदान पर पाटीदार ने ऐसी टी20 पारी खेली है, जिसने उनकी भारतीय टीम में वापसी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनकी तूफानी बल्लेबाजी ने RCB को लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंचा दिया।

RCB को कप्तान के रूप में लगातार दूसरी ट्रॉफी दिलाने की ओर बढ़ रहे पाटीदार के शानदार आईपीएल सीजन को देखते हुए पहले से ही उन्हें भारत की टी20 टीम में शामिल करने की मांग उठ रही थी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी के बाद यह मांग और तेज हो गई है।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत टी20 विश्व कप जीत चुका है, लेकिन हाल के लंबे खराब फॉर्म की वजह से उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं टी20 क्रिकेट में प्रतिभाओं की भरमार है।

मंगलवार रात की मैच जिताऊ पारी के बाद पाटीदार के समर्थन में कई आवाजें उठीं। कुछ लोग आगामी सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाकर पाटीदार को टीम में शामिल करने की बात कर रहे हैं।

अंबाती रायुडू ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, “मैं टीम में दो-तीन खिलाड़ियों के आसपास स्क्वॉड बनाऊंगा और रजत उनमें से एक होंगे।”

गुजरात टाइटंस के खिलाफ पाटीदार ने शुरुआत में 13 गेंदों पर सिर्फ 21 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद अगली 20 गेंदों में 72 रन ठोककर मैच पूरी तरह RCB के पक्ष में मोड़ दिया। दूसरी तरफ शुभमन गिल की गुजरात टीम 254/5 के विशाल स्कोर का मुकाबला नहीं कर सकी।

धर्मशाला की ऊंचाई पर गेंद बल्ले से तेज़ी से निकलती है और पाटीदार ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए नौ छक्के लगाए। कगिसो रबाडा की लेंथ बॉल पर कवर के ऊपर लगाया गया उनका छक्का उनकी शानदार टाइमिंग और आत्मविश्वास की मिसाल था।

RCB के क्रिकेट निदेशक मो बॉबट ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैंने एक बार उन्हें ‘स्पिन बैशर’ कहा था और वह मुझसे थोड़ा नाराज हो गए थे क्योंकि ऐसा लग रहा था कि मैं कह रहा हूं कि वह सिर्फ स्पिन के खिलाफ अच्छा खेलते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “शायद अब वह मुझे गलत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे तेज गेंदबाजी हो या स्पिन, फ्रंट फुट हो या बैक फुट, गेंद अक्सर उनके बल्ले के बीच में लगती है। उनकी बेसिक तकनीक बहुत मजबूत है और उनका खेलने का अंदाज निडर है।”

“वह एक बेहद खास पारी थी। अब हम उनसे ऐसी पारियों की आदत डाल चुके हैं। कुछ शॉट्स तो अविश्वसनीय थे, लेकिन उनमें आक्रामक इरादा साफ दिख रहा था। यही असली कप्तानी है।”

विराट कोहली जैसी बड़ी मौजूदगी के कारण पाटीदार एक शांत और कम चर्चा में रहने वाले कप्तान माने जाते हैं। हालांकि उनका स्वभाव आज भी शांत है, लेकिन उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी अब सबका ध्यान खींच रही है और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को भी सोचने पर मजबूर कर रही है।