
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के क्रिकेट निदेशक मो बॉबट ने मंगलवार को क्वालिफायर 1 में गुजरात टाइटंस को 92 रन से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंचने के बाद टीम की सामूहिक मेहनत और निडर खेल की जमकर तारीफ की।
मंगलवार को कप्तान रजत पाटीदार की 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की विस्फोटक पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत RCB ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254/5 का विशाल स्कोर बनाया और फिर गुजरात टाइटंस को 162 रन पर समेट दिया।
बॉबट ने कहा कि पिछले दो सीजन में RCB की लगातार सफलता का सबसे बड़ा कारण यह है कि टीम के कई खिलाड़ी दबाव के समय लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि जीत में कई खिलाड़ी योगदान दे रहे हैं। हम बल्लेबाजी या गेंदबाजी में सिर्फ एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं हैं। कई लोग अपनी भूमिका निभा रहे हैं और यही सबसे अच्छी बात है।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी निभाए और टीम के लिए योगदान दे, तो नतीजे अपने आप अच्छे आएंगे। आज के मैच से यही सबसे सकारात्मक चीज़ निकलकर आई, और साथ ही यह भी कि हम फाइनल में पहुंच गए।”
RCB के शुरुआती विकेट गिरने के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने जिस तरह गुजरात के गेंदबाजों पर हमला बोला, उसकी भी बॉबट ने खूब तारीफ की।
उन्होंने कहा, “वह इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और आज की पारी वाकई खास थी। बड़े क्वालिफायर जैसे बड़े मैच में आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेना उन्हें जरूर खुशी देगा। जब कप्तान खुद अच्छा खेलता है, तो पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ जाता है। वह उदाहरण पेश करके कप्तानी कर रहे हैं।”
बॉबट ने पाटीदार को शांत स्वभाव का कप्तान बताते हुए कहा कि इस सीजन उनकी मैच को समझने और दबाव झेलने की क्षमता बेहद प्रभावशाली रही है।
उन्होंने कहा, “इस साल उन्होंने अपने मौके बहुत समझदारी से चुने हैं। आज भी शुरुआती विकेट गिरने के बाद उन्होंने समय लिया, साझेदारी बनाई और फिर गियर बदलकर तेजी से रन बनाए।”
“इसके लिए काफी अनुशासन और मैच की गहरी समझ चाहिए। कब तेजी से खेलना है और कब थोड़ा संभलकर खेलना है, यह उनकी शानदार प्रोग्रेस दिखाता है।”
बॉबट ने बताया कि गुजरात टाइटंस की मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए RCB ने आक्रामक बल्लेबाजी की रणनीति अपनाई थी।
उन्होंने कहा, “हमने खुद पर थोड़ा सकारात्मक दबाव डाला कि हमें मैच को उनके पहुंच से जितना हो सके दूर ले जाना है। हमें पता था कि उनकी बल्लेबाजी कितनी मजबूत है, इसलिए हमने बड़ा स्कोर बनाने का लक्ष्य रखा।”
उन्होंने जोश हेजलवुड, भुवनेश्वर कुमार, क्रुणाल पंड्या और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की भी सराहना की।
बॉबट ने कहा, “अगर आपकी टीम में ऐसे खिलाड़ी हों जो दबाव वाली परिस्थितियों से डरने के बजाय उनका सामना करें, पलटवार करें और शांत रहकर प्रदर्शन करें, तो यही चीज़ आप टीम में चाहते हैं।”
रजत पाटीदार की आक्रामक बल्लेबाजी पर बॉबट ने मजाकिया अंदाज में कहा, “पिछले साल मैंने उन्हें ‘स्पिन बैशर’ कहा था और शायद वह मुझसे थोड़ा नाराज हो गए थे क्योंकि ऐसा लग रहा था कि मैं कह रहा हूं कि वह सिर्फ स्पिन के खिलाफ अच्छा खेलते हैं।”
उन्होंने हंसते हुए आगे कहा, “वह बहुत मेहनत करते हैं। उनकी सबसे खास बात यह है कि वह गेंद को अक्सर बल्ले के बीचोंबीच लगाते हैं। चाहे तेज गेंदबाजी हो या स्पिन, फ्रंट फुट हो या बैक फुट, गेंद अक्सर उनके बल्ले के मिडल में लगती है।”
बॉबट ने वेंकटेश अय्यर की भी तारीफ की, जो लंबे समय तक बेंच पर बैठने के बाद प्लेऑफ में मौका मिलने पर चमक उठे।
उन्होंने कहा, “उनका रवैया शानदार रहा। उन्होंने कभी निराशा नहीं दिखाई। अभ्यास में कड़ी मेहनत की और मौके का इंतजार किया। जैसे ही उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिला, उन्होंने उसे दोनों हाथों से पकड़ लिया। आज पहली ही गेंद से उन्होंने और विराट ने मैच का टोन सेट कर दिया और गुजरात को साफ संदेश दे दिया कि हम उन पर हमला करने वाले हैं।”








