रोहित शर्मा को वनडे में खुद को साबित करने की जरूरत क्यों नहीं है: दिनेश लाड!

भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के शुरुआती कोच दिनेश लाड का मानना है कि रोहित को अपनी फिटनेस और फॉर्म पर सवाल उठाने वालों की बातों को नजरअंदाज करना चाहिए और अपने खेल का आनंद लेना चाहिए। उनके अनुसार, यही तरीका उन्हें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में और मजबूती से वापसी करने में मदद करेगा।

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपनी पिछली वनडे सीरीज़ में रोहित तीन पारियों में सिर्फ 61 रन बना सके थे, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर आलोचनाएं शुरू हो गईं।

शुक्रवार को पीटीआई वीडियो से बातचीत में लाड ने कहा, “एक कोच के तौर पर मुझे नहीं लगता कि रोहित को किसी के सामने कुछ साबित करने की जरूरत है। वह वनडे विश्व कप जीतना चाहते हैं। मैंने उनसे बात की है और वह अपने करियर को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें अपनी फिटनेस साबित करने की जरूरत है। उम्र भले बढ़ रही हो, लेकिन वह अभी भी पूरी तरह फिट हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आलोचक तो हमेशा बोलते रहेंगे, वही उनका काम है। अगर भारत को फाइनल तक पहुंचना है तो टीम को रोहित के अनुभव की जरूरत है। तकनीक के लिहाज से उनके खेल में कोई कमी नहीं है। 50 ओवर के क्रिकेट में बल्लेबाज़ को थोड़ा समय लेकर सेट होना पड़ता है। रोहित की तकनीक ऐसी है कि वह पहले पारी को संभाल सकते हैं और फिर बड़े शॉट्स खेल सकते हैं।”

लाड ने आईपीएल में रोहित के प्रदर्शन का भी उदाहरण दिया।

“आईपीएल में भी उन्होंने अपनी तकनीक दिखाई। वह सिर्फ बड़े शॉट्स नहीं खेल रहे थे, बल्कि सिंगल और डबल रन भी ले रहे थे। मैं आलोचकों की सोच नहीं समझता। मेरी राय में उन्हें टीम में होना ही चाहिए।”

दिनेश लाड ने पूर्व भारतीय चयनकर्ता सबा करीम की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि रोहित को 2027 विश्व कप की योजनाओं में बने रहने के लिए अपनी फिटनेस और बल्लेबाज़ी दोनों साबित करनी होंगी।

लाड ने कहा, “अगले छह महीने सिर्फ रोहित के लिए ही क्यों महत्वपूर्ण हैं? वे हर खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। टीम में जगह बनाए रखने के लिए सभी को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। मैं 100 प्रतिशत गारंटी देता हूं कि रोहित 2027 का वनडे विश्व कप जरूर खेलेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “वह अगले छह महीनों में भी अच्छा खेलेंगे और उसके बाद भी। अगर उन्हें मौका मिलेगा तो वह प्रदर्शन करेंगे।”

लाड का मानना है कि रोहित को अब किसी भी तरह की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है।

“उन्होंने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास लिया है, वनडे से नहीं। और आखिरी जो वनडे उन्होंने खेले हैं, उनमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे नहीं लगता कि उन पर किसी तरह का दबाव है।”

उन्होंने रोहित की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, “उन्होंने तीन बार वनडे में दोहरा शतक लगाया है। कोई दूसरा भारतीय बल्लेबाज़ ऐसा दो बार भी नहीं कर पाया है। उनके वनडे रिकॉर्ड शानदार हैं। 2019 विश्व कप में उन्होंने रिकॉर्ड पांच शतक लगाए थे।”

लाड के अनुसार, वनडे विश्व कप जीतने की इच्छा ही रोहित को लगातार प्रेरित कर रही है।

“वह जानते हैं कि अगर उन्हें खेलना है तो उसके पीछे कोई वजह होनी चाहिए। वह वजह है भारत के लिए वनडे विश्व कप जीतना। वह हर हाल में यह ट्रॉफी जीतना चाहते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि विश्व कप जीतने की कोशिश किए बिना वह संन्यास नहीं लेंगे।”

उन्होंने कहा, “उम्र, पैरों पर दबाव या चोटों को भूल जाइए। जब रोहित खेलने का फैसला कर लेते हैं, तो वह खेलते हैं और अच्छा खेलते हैं।”

लाड ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ वनडे खेलने का मतलब यह नहीं है कि रोहित आराम कर रहे हैं।

“रोहित किसी और फॉर्मेट में नहीं खेल रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं कि उनके पास बहुत खाली समय है। वह रोज़ अभ्यास करते हैं और अपनी फिटनेस पर लगातार काम कर रहे हैं। चिंता मत कीजिए, वह विश्व कप के लिए कड़ी तैयारी कर रहे हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि इस अहम दौर में वह रोहित को क्या सलाह देंगे, तो उन्होंने कहा, “रोहित को विकेट पर टिककर खेलना चाहिए। एक बार सेट हो जाएं तो वह बेहद खतरनाक बल्लेबाज़ बन जाते हैं। मैं उन्हें 2019 विश्व कप की याद दिलाना चाहूंगा। उन्हें वैसा ही खेल फिर से खेलना चाहिए।”

अंत में लाड ने कहा, “रोहित को नींद से उठाकर भी बल्लेबाज़ी करा दी जाए तो आप उनका सर्वश्रेष्ठ देखेंगे। उनकी तकनीक, स्वभाव और फिटनेस सब ठीक है। मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले वह 100 प्रतिशत तैयार होंगे। उन्हें घरेलू 50 ओवर के मैच भी खेलने चाहिए। आलोचना होती रहेगी, लेकिन रोहित को उसे नजरअंदाज करना चाहिए और अपने खेल का आनंद लेना चाहिए।”