IPL 2026: कैसे स्मार्ट ऑक्शन प्लानिंग ने रखी RCB की सफलता की नींव!

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बोबाट का मानना है कि कोई भी फ्रेंचाइजी सिर्फ ऑक्शन के दम पर टूर्नामेंट नहीं जीत सकती, लेकिन खराब ऑक्शन जरूर टीम को हार की तरफ धकेल सकता है। उन्होंने कहा कि IPL मेगा ऑक्शन के दौरान टीम मैनेजमेंट को अपने चुने गए स्क्वॉड पर पूरा भरोसा था।

पिछले साल 18 साल का सूखा खत्म करने के बाद RCB ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए IPL 2026 फाइनल में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीत ली और अपने ऑक्शन फैसलों को एक बार फिर सही साबित किया।

मो बोबाट ने सोमवार को फ्रेंचाइजी द्वारा आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे नहीं लगता कि आप सिर्फ ऑक्शन में टूर्नामेंट जीत सकते हैं, लेकिन आप ऑक्शन में हार जरूर सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर मेगा ऑक्शन में आप टीम स्ट्रक्चर या खिलाड़ियों को लेकर गलत फैसले ले लेते हैं, तो बाद में उन्हें सुधारना बहुत मुश्किल हो जाता है। उसके बाद सिर्फ मिनी ऑक्शन होते हैं और उन सालों में चीजें बदलना काफी कठिन होता है।”

बोबाट ने याद किया कि मेगा ऑक्शन के बाद कई ब्रॉडकास्टर्स और एक्सपर्ट्स ने RCB की टीम को सबसे कमजोर स्क्वॉड्स में गिना था।

उन्होंने कहा, “यह मजेदार था कि मेगा ऑक्शन खत्म होने के बाद ज्यादातर एक्सपर्ट्स ने हमारी टीम को नीचे से दूसरी रैंक दी थी और कई लोगों ने हमें आखिरी स्थान पर रहने वाला बताया था।”

“लेकिन इससे हमारी सोच या मानसिकता पर कोई असर नहीं पड़ा। हमें पूरी स्पष्टता थी कि हम कैसी टीम बनाना चाहते हैं। हम खिलाड़ियों में स्किल और कैरेक्टर दोनों चाहते थे, क्योंकि ये दोनों चीजें बेहद जरूरी हैं।”

“ऑक्शन में हमें लगभग वह सब कुछ मिला जो हम चाहते थे, बल्कि उससे भी ज्यादा। हम ऑक्शन से बहुत खुश और आत्मविश्वास के साथ बाहर निकले थे कि हम अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।”

बोबाट ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका मुख्य फोकस टीम को लगातार टॉप-2 में जगह बनाने के लिए प्रेरित करना था।

उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग में हमेशा यह था कि पहला खिताब जीतने के बाद हमें वहीं रुकना नहीं है। किसी भी स्पोर्ट्स टीम की तरह आपको हमेशा बड़े लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहना चाहिए ताकि फैंस भी लगातार प्रेरित रहें।”

“पिछले सीजन के खत्म होते ही हमने दोबारा ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य रखा। दोनों सीजन में मेरा खास ध्यान टॉप-2 फिनिश पर रहा, क्योंकि इतिहास बताता है कि इससे खिताब जीतने की संभावना काफी बढ़ जाती है।”

वहीं कप्तान रजत पाटीदार ने कहा कि उनकी कप्तानी का तरीका हमेशा सभी की राय को साथ लेकर चलने का रहा है।

पाटीदार ने कहा, “जब मुझे 2025 में नई जिम्मेदारी मिली, तब मैंने तय किया कि मैं खुद को नहीं बदलूंगा। शांत और संयमित रहना मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे पास शानदार मैनेजमेंट और खिलाड़ी हैं जो हमेशा मेरा समर्थन करते हैं और मुझे नए आइडिया देते हैं। मैं अपनी सोच पर भरोसा करता हूं, लेकिन साथ ही कोच और अनुभवी खिलाड़ियों से बात करके सुझाव लेना भी पसंद करता हूं। यही मेरी कप्तानी का तरीका है।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।