
लगातार दूसरी बार IPL खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले विराट कोहली को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हेड कोच एंडी फ्लावर ने टीम ड्रेसिंग रूम की “धड़कन” बताया।
रविवार को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में 37 वर्षीय कोहली ने नाबाद 75 रन बनाकर RCB को गुजरात टाइटंस के खिलाफ पांच विकेट से जीत दिलाई। 156 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए “चेज मास्टर” कोहली ने मैच का अंत छक्के के साथ किया और पूरे टूर्नामेंट में 675 रन बनाकर शानदार सीजन पूरा किया।
RCB द्वारा सोमवार को जारी किए गए वीडियो ट्रिब्यूट में एंडी फ्लावर ने कहा, “विराट, मुझे पता है कि तुम्हें बहुत ज्यादा ध्यान और तारीफ मिलती है और वह पूरी तरह सही भी है। लेकिन मैं इसे कम नहीं आंकना चाहता, क्योंकि तुम इस ड्रेसिंग रूम की धड़कन हो।”
कोहली ने वेंकटेश अय्यर के साथ 62 रन की ओपनिंग साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और बाद में पारी को संभालते हुए जीत तक पहुंचाया।
करीब 1,30,000 दर्शकों से भरे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कोहली के फैंस की भारी मौजूदगी देखने को मिली। उन्होंने गुजरात के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा के खिलाफ दो चौके और एक छक्का लगाकर RCB के दबदबे की शुरुआत कर दी।
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने Sports Today से कहा, “विराट ऐसे मौकों का इंतजार करते हैं। उन्हें ऐसे मैच पसंद हैं जहां वह दिखा सकें कि वह कितने शानदार खिलाड़ी हैं, उनका टेम्परामेंट कैसा है और उनका जीतने वाला माइंडसेट कितना मजबूत है।”
वहीं IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने AFP से कहा, “विराट को किसी ट्रॉफी की जरूरत नहीं है। वह खुद एक ट्रॉफी हैं।”
पिछले साल पहली बार IPL खिताब जीतने के बाद से RCB और विराट कोहली ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा है। लीग स्टेज में टीम टॉप पर रही और पहले प्लेऑफ में गुजरात को हराकर सीधे फाइनल में पहुंची।
स्टेडियम में मौजूद लगभग 90,000 दर्शकों में ज्यादातर लोग विराट की नंबर 18 जर्सी पहने नजर आए और पूरा माहौल “कोहली, कोहली” के नारों से गूंज उठा।
प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद कोहली ने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि हमारे सिर्फ सात होम मैच नहीं होते, बल्कि 14 होते हैं। हम जहां भी जाते हैं, वहां फैंस टीम को सपोर्ट करते हैं। GT शायद होम टीम थी, लेकिन 90 प्रतिशत लोग RCB फैंस थे। उनका समर्थन अनमोल है।”
हालांकि टीम इस बार ट्रॉफी के साथ कोई सार्वजनिक विजय जुलूस नहीं निकालेगी। पिछले साल पहली बार IPL जीतने के बाद बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर विजय परेड के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी।
इस साल की जीत के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, “जाहिर है, बहुत दुख होता है। जीत के बाद आपने अपने फैंस खो दिए। वे सिर्फ फैंस नहीं, परिवार जैसे थे। मैं हमेशा यह ट्रॉफी उन्हें समर्पित करना चाहता हूं। उस भावना को शब्दों में बयान नहीं कर सकता।”








