
भारतीय टीम के अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव का मानना है कि आईपीएल से सीधे टेस्ट क्रिकेट में आना खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता पूरी तरह अलग होती है, इसलिए लाल गेंद के क्रिकेट के लिए विशेष तैयारी की जरूरत पड़ती है।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए साधारण आईपीएल सीजन के बाद कुलदीप ने बताया कि उन्होंने पिछले 10 से 15 दिनों तक लाल गेंद से लगातार अभ्यास किया ताकि टेस्ट क्रिकेट की लय में लौट सकें। उन्होंने कहा कि टी20 में गेंदबाज हमेशा बल्लेबाज़ पर हमला करने की सोच के साथ खेलता है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, रणनीति और लगातार सही लेंथ पर गेंदबाजी करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
कुलदीप ने माना कि कुछ खिलाड़ी सीधे आईपीएल फाइनल के बाद टीम से जुड़े हैं और उनके पास तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि सभी खिलाड़ियों ने खुद को अच्छी तरह तैयार किया होगा। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में गेंद को फ्लाइट देना, बल्लेबाज़ को हवा में धोखा देना और अलग-अलग एंगल से गेंदबाजी करना बेहद अहम होता है।
रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल की गैरमौजूदगी पर बात करते हुए कुलदीप ने कहा कि उनकी कमी जरूर महसूस होगी, लेकिन युवा स्पिनर हर्ष दुबे और मानव सुथार अच्छी तैयारी के साथ टीम में आए हैं। उन्होंने वॉशिंगटन सुंदर का भी जिक्र किया और कहा कि वह अब टेस्ट सेटअप में अच्छी तरह स्थापित हो चुके हैं।
युवा खिलाड़ियों के बारे में बात करते हुए कुलदीप ने कहा कि उनका काम उन्हें सहज महसूस कराना है। वह नहीं चाहते कि नए खिलाड़ी उन्हें सिर्फ एक वरिष्ठ खिलाड़ी या मेंटर के रूप में देखें, बल्कि एक साथी के रूप में देखें जिससे वे खुलकर बात कर सकें। उन्होंने बताया कि उनकी युवा खिलाड़ियों के साथ अच्छी बॉन्डिंग बन चुकी है और वे अक्सर पिच, मौसम और मैच की रणनीति पर चर्चा करते हैं।
कुलदीप का मानना है कि हर्ष दुबे और मानव सुथार भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए हों, लेकिन इंडिया ए, दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी में लगातार खेलने के कारण उनकी रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी और समझ काफी मजबूत है।
365 अंतरराष्ट्रीय विकेट ले चुके कुलदीप ने अंत में कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा गुण धैर्य है और जो खिलाड़ी इस प्रारूप में धैर्य बनाए रखता है, वही लंबे समय तक सफल रहता है।








