
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि अगर रोहित शर्मा अपनी हैमस्ट्रिंग चोट से थोड़ा पहले उबर जाते, तो मुंबई इंडियंस आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की मजबूत दावेदार बन सकती थी।
मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने चोट से वापसी करते ही शानदार प्रदर्शन किया और 84 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत टीम ने 229 रन का पीछा करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स को छह विकेट से हराया, जो आईपीएल इतिहास में टीम का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ रहा।
रोहित को 12 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ बल्लेबाजी के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी, जिसके चलते वह पांच मैच नहीं खेल पाए।
हरभजन सिंह ने जियोहॉटस्टार से कहा, “मैदान पर होना बहुत जरूरी होता है। आप डगआउट में बैठकर सिर्फ सीमित चीजें ही कर सकते हैं। लेकिन मैदान में रहकर आप फर्क ला सकते हैं, और रोहित शर्मा ने बिल्कुल वही किया।”
उन्होंने आगे कहा, “इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए मजबूत शुरुआत चाहिए होती है। रोहित ने सिर्फ नींव ही नहीं रखी, बल्कि उस पर कई मंजिलें भी खड़ी कर दीं, जिससे बाकी बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो गया। अगर वह शतक बना लेते तो और भी अच्छा होता, लेकिन जितनी देर वह क्रीज पर रहे, उन्होंने शानदार खेल दिखाया।”
हरभजन ने अफसोस जताते हुए कहा, “काश उनकी चोट थोड़ा पहले ठीक हो जाती। कौन जानता, टीम उस हार के दौर में एक-दो मैच जीत जाती और अभी भी प्रतियोगिता में बनी रहती।”
2008 से 2017 तक मुंबई इंडियंस के लिए खेलने वाले हरभजन ने उम्मीद जताई कि टीम बाकी मैचों में संघर्ष जारी रखेगी।
10 मैचों में तीन जीत और सात हार के साथ मुंबई के छह अंक हैं और अब उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए बाकी चारों मैच जीतने होंगे।
हरभजन ने कहा, “अगर वे यहां से हर मैच जीतते हैं और 14 अंकों तक पहुंचते हैं, तो उनके पास मौका होगा। अगर बाकी टीमें हारती हैं, तो नेट रन रेट का मामला भी आ सकता है—कुछ भी हो सकता है।”
वहीं, भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इस सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स के प्रदर्शन को अस्थिर बताया।
शास्त्री ने कहा, “एलएसजी की समस्या यह है कि जब उनकी गेंदबाजी अच्छी होती है, तो बल्लेबाज साथ नहीं देते, और जब बल्लेबाज रन बनाते हैं, तो गेंदबाज महंगे साबित होते हैं। टीम में निरंतरता की कमी है।”
उन्होंने आगे कहा, “लगातार छह हार टीम के आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। यहां तक कि जब आप मजबूत स्थिति में होते हैं, तब भी मन में सवाल आता है—क्या हम जीतेंगे या नहीं?
आप सात ओवर में 100/1 होते हैं और अगले 13 ओवर में 130 से भी कम रन बनाते हैं, इसका मतलब है कि आपने मौका गंवा दिया।”
शास्त्री ने कहा, “इससे बेहतर बल्लेबाजी परिस्थितियां नहीं मिल सकतीं। टीम को बैठकर सोचना होगा कि आखिरी तीन ओवरों में क्या गलत हुआ और गेंदबाजी को कैसे बेहतर किया जा सकता है।”








