
भले ही कुछ समय के लिए उन्हें इसकी मार झेलनी पड़ी हो, लेकिन आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी की अविश्वसनीय छक्के लगाने की क्षमता ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शामिल कगिसो रबाडा को भी प्रभावित कर दिया है।
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पिछले मैच में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा, जिन्होंने इस सीजन में 21 विकेट लिए हैं, को लगातार दो छक्के जड़ दिए थे। यही नहीं, इस युवा बल्लेबाज ने उसी मैच में मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद पर छक्का लगाया था। इससे पहले वह जोश हेजलवुड और जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों के खिलाफ भी बेखौफ बल्लेबाजी कर चुके हैं।
पीटीआई से बातचीत में रबाडा ने बताया कि वैभव जैसे बल्लेबाज को गेंदबाजी करते समय उनके दिमाग में क्या चलता है। पिछले दो सीजन में आईपीएल में वैभव के प्रदर्शन ने विश्व क्रिकेट में सनसनी मचा दी है।
रबाडा ने कहा, “वह शानदार टैलेंट है। उसके हाथ बहुत तेज चलते हैं। इस समय उसके अंदर बिल्कुल भी डर नहीं है। आमतौर पर युवा खिलाड़ियों में यही बात होती है और यह देखना काफी दिलचस्प है। क्रिकेट और खासकर आईपीएल में ऐसा देखना बहुत अच्छा लगता है। इससे पता चलता है कि क्रिकेट पूरी तरह जीवंत है। अब देखना होगा कि अगला कौन ऐसा खिलाड़ी आता है जो इस तरह की सुर्खियां बटोरता है।”
30 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज ने वैभव के एक्स-फैक्टर की तारीफ करते हुए कहा कि जब वह रन-अप लेते हैं, तब बल्लेबाज की प्रतिष्ठा के बारे में नहीं सोचते।
उन्होंने कहा, “मैं बस यही सोचता हूं कि सामने एक बल्लेबाज है और मुझे उससे बेहतर प्रदर्शन करना है। उसमें एक अलग तरह का फ्लेयर है। वह निश्चित रूप से एक्स-फैक्टर खिलाड़ी है। ऐसा खिलाड़ी जो लोगों का ध्यान क्रिकेट की ओर खींच रहा है। उसके तेज हाथ और निडर रवैया — यह बेहद खतरनाक संयोजन है।”
इस सीजन में रबाडा और मोहम्मद सिराज नई गेंद के साथ सबसे प्रभावशाली जोड़ी साबित हुए हैं। पावरप्ले में बल्लेबाजों को दोनों के खिलाफ रन बनाना मुश्किल हो रहा है। रबाडा टेस्ट मैच जैसी लेंथ पर अतिरिक्त उछाल और सीम मूवमेंट निकाल रहे हैं, जबकि सिराज स्विंग और सीम दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रबाडा ने अपने आईपीएल करियर में चौथी बार 20 विकेट का आंकड़ा पार किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और सिर्फ टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं हर सीजन यही सोचकर उतरता हूं कि जिस भी टीम के लिए खेलूं, इस बार गुजरात के लिए, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा। उसके बाद जो परिणाम होगा, वही होगा।”
सिराज के साथ साझेदारी पर उन्होंने कहा, “हम दोनों का काम तय है और हम वही करने की कोशिश करते हैं। मैदान के बाहर भी हमारी अच्छी बॉन्डिंग हुई है, लेकिन इसमें कुछ खास प्लानिंग नहीं है। हमें पता चला कि हम साथ गेंदबाजी करेंगे और हमने उस भूमिका को बेहतर तरीके से निभाने की कोशिश की। इसमें कोई जादुई फॉर्मूला नहीं है।”
रबाडा ने आरसीबी के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भी तारीफ की, जिन्होंने बिना ज्यादा बदलाव किए टेस्ट मैच जैसी ऑफ-स्टंप लाइन पर गेंदबाजी कर शानदार सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि पारंपरिक तरीके अब काम नहीं करते। आईपीएल में हमेशा कुछ तेज गेंदबाज शीर्ष पर रहे हैं। भुवनेश्वर ने तो लगातार दो बार पर्पल कैप जीती थी और इस बार भी दौड़ में हैं। अगर आप भुवनेश्वर को देखें तो उन्होंने अलग क्या किया है? ज्यादा कुछ नहीं।”
बल्लेबाजों की स्विंग होती गेंद खेलने में परेशानी को लेकर रबाडा ने ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया।
उन्होंने कहा, “मैं इस चर्चा में नहीं पड़ना चाहता कि बल्लेबाज स्विंग खेल पा रहे हैं या नहीं। अगर आप अच्छी गेंदबाजी करेंगे तो विकेट मिलेंगे। अगर बल्लेबाज अच्छी गेंदों को नहीं संभाल पाएंगे, तो चीजें उनके पक्ष में नहीं जाएंगी। यही क्रिकेट का संतुलन है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि बल्लेबाजी की गुणवत्ता गिर गई है। पहले जब गेंदबाज विकेट लेते थे तब क्या बल्लेबाजी कमजोर थी? या गुणवत्ता ऊपर-नीचे होती रहती है? मुझे नहीं पता।”
रबाडा ने यह बयान मंगलवार रात सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन के बाद दिया।








