
श्रीलंका के ऑलराउंडर दासुन शनाका वैभव सूर्यवंशी की मैच्योरिटी और शांत स्वभाव से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम में वैभव जैसा “बच्चा” पहले कभी नहीं देखा।
राजस्थान रॉयल्स में वैभव के टीममेट के तौर पर शनाका उनके तेजी से बढ़ते सफर को करीब से देख रहे हैं। सिर्फ 15 साल की उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी और लंबे छक्के लगाने की क्षमता से वैभव ने पूरी क्रिकेट दुनिया को हैरान कर दिया है।
बिहार के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 38 गेंदों में 93 रन बनाए थे, हालांकि मुंबई इंडियंस के खिलाफ वह सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए।
जब शनाका से पूछा गया कि वैभव खेल के उतार-चढ़ाव को कैसे संभालते हैं, तो उन्होंने कहा कि उनका शांत और संतुलित रवैया सबसे खास बात है।
उन्होंने कहा, “वह बहुत प्रोफेशनल है। बात सिर्फ रन बनाने या फेल होने की नहीं है, बल्कि वह प्रैक्टिस में क्या करता है और ड्रेसिंग रूम में कैसे व्यवहार करता है, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। वह बेहद शांत रहता है। मैंने आज तक किसी बच्चे को ड्रेसिंग रूम में इतना मैच्योर व्यवहार करते नहीं देखा।”
शनाका ने आगे कहा, “सीनियर खिलाड़ी अक्सर नए खिलाड़ियों पर दबाव डालते हैं, लेकिन यह लड़का बहुत कूल है। मुझे पसंद है कि वह चीजों को कैसे संभालता है, चाहे वह फेल हो या रन बनाए। वह बहुत नैचुरल बच्चा है। मैं उसमें बहुत क्षमता देखता हूं। उसके अंदर बहुत अच्छी बातें हैं।”
राजस्थान रॉयल्स ने रियान पराग की फुल-टाइम कप्तानी के पहले ही सीजन में प्लेऑफ में जगह बनाई। हालांकि उन्हें उनकी कप्तानी और बल्लेबाज़ी को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन शनाका ने उनका समर्थन किया।
उन्होंने कहा, “वह बहुत अच्छे कप्तान हैं। वह अपने फैसलों पर टिके रहते हैं और यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। लोग उनकी आलोचना करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वह भविष्य के शानदार लीडर हैं।”
“वह राजस्थान के लिए ही नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी बेहतरीन कप्तान बन सकते हैं। मैंने उनके साथ लीडरशिप को लेकर काफी बातें की हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर मैं अलग-अलग लोगों से सीखना पसंद करता हूं। मैं उनसे भी सीख रहा हूं और उन्हें अपने अनुभव भी बता रहा हूं, जो काफी जरूरी है।”
शनाका ने बताया कि चोट की हल्की परेशानी के बावजूद रियान पराग और रविंद्र जडेजा नॉकआउट मुकाबले में खेलने के लिए तैयार रहेंगे।
उन्होंने कहा, “उन्हें थोड़ी चोट की परेशानी थी, लेकिन उम्मीद है कि वे ठीक रहेंगे।”
नॉकआउट मैच के दबाव को लेकर शनाका ने कहा, “कुछ मैच जीतकर फाइनल तक पहुंचना हमेशा अच्छा लगता है। मुंबई के खिलाफ जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में काफी आत्मविश्वास आया है। अब फाइनल तक पहुंचने के लिए सिर्फ दो मैच और जीतने हैं। उम्मीद है हम जीतेंगे और वहां तक पहुंचेंगे।”








