
IPL चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने PTI से बातचीत में बताया कि 31 मई को होने वाले IPL फाइनल को बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट करने के पीछे दो मुख्य कारण थे — अधिक दर्शक क्षमता और उसी समय होने वाली ICC बोर्ड मीटिंग।
BCCI ने बुधवार को घोषणा की थी कि IPL 2026 का फाइनल अहमदाबाद में खेला जाएगा। पिछले साल भी खिताबी मुकाबला वहीं आयोजित हुआ था। आमतौर पर IPL चैंपियन टीम को अगले सीजन फाइनल की मेज़बानी मिलती है।
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, जिसकी क्षमता 1.30 लाख से ज्यादा दर्शकों की है। वहीं, चिन्नास्वामी स्टेडियम में लगभग 40,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है। इसी स्टेडियम में RCB की जीत के जश्न के दौरान भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी।
कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने फाइनल की मेज़बानी नहीं मिलने पर अपनी नाराज़गी भी जाहिर की थी।
धूमल ने BCCI के फैसले पर सफाई देते हुए कहा,
“देखिए, आदर्श स्थिति में फाइनल बेंगलुरु में ही होना चाहिए था। हमने KSCA से बात की थी। लेकिन पिछले साल जो हुआ (भगदड़), उसके बाद कुछ चुनौतियां थीं। राज्य सरकार को विधायकों को मुफ्त टिकट देने होते हैं और KSCA की भी अपने सदस्यों को लेकर कुछ प्रतिबद्धताएं हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “स्टेडियम की क्षमता भी ज्यादा नहीं है। लीग मैचों के दौरान भी वहां बहुत कम टिकट उपलब्ध थे। IPL फाइनल दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है, इसलिए हमें ज्यादा टिकट उपलब्ध कराने की जरूरत होती है। उसी समय ICC बोर्ड मीटिंग भी होनी है, जिसमें कई सदस्य आएंगे।”
धूमल ने कहा, “इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमें लगा कि बड़ा स्टेडियम ज्यादा उपयुक्त रहेगा। फैंस और ICC मीटिंग के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की सुविधा को देखते हुए हमने अहमदाबाद को चुना।”
जब उनसे पूछा गया कि अहमदाबाद को लगातार फाइनल की मेज़बानी मिलने पर सवाल उठ रहे हैं, तो धूमल ने कहा, “नहीं, आदर्श रूप से विजेता टीम को ही फाइनल मिलता है। लेकिन जिन समस्याओं का हमने जिक्र किया, उनके कारण बेंगलुरु में आयोजन करना मुश्किल हो गया। अगर पिछले सीजन CSK जीतती, तो हम निश्चित रूप से फाइनल चेन्नई में कराते।”








