‘एक दिन सब खत्म हो जाएगा’: रिकॉर्ड IPL शतक के बाद भावुक हुए विराट कोहली!

विराट कोहली ने नाबाद शतक जड़कर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ छह विकेट से शानदार जीत दिलाई और टीम को IPL 2026 पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंचा दिया। अब केवल वनडे क्रिकेट खेलने वाले पूर्व भारतीय कप्तान ने अपने रिकॉर्ड नौवें IPL शतक के बाद भावुक बयान दिया और कहा कि वह मैदान पर अपना सब कुछ इसलिए झोंक देते हैं क्योंकि “एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा।”

यह कोहली का 2024 के बाद पहला IPL शतक था। इसके साथ ही उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ते हुए IPL में सबसे ज्यादा मैच (279) खेलने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

कोहली ने कहा, “मुझे बल्लेबाजी से प्यार है, यही मेरी सबसे गहरी भावना है। इस स्तर पर और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं मैदान पर अपना दिल और जान लगा देता हूं क्योंकि एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं हर पल का पूरा फायदा उठाना चाहता हूं। मुझे दबाव वाले मुकाबले पसंद हैं, जहां थोड़ी गर्मी महसूस होती है और फिर मैं खुद को चुनौती देता हूं कि जाकर मुकाबला जीतूं।”

कोहली ने कहा कि खेल इंसान के व्यक्तित्व को मजबूत बनाता है।

“स्पोर्ट्स आपको एक इंसान के तौर पर बहुत कुछ सिखाता है। दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने से आपका चरित्र बनता है। इतने सालों बाद भी खेल के लिए प्यार वैसा ही है। मुझे आज भी बल्ले के बीचोंबीच गेंद लगने की खुशी महसूस होती है। यह सब भगवान की कृपा है और मैं इसके लिए बहुत आभारी हूं।”

पिछले दो मैचों में लगातार दो बार शून्य पर आउट होने के बाद कोहली ने माना कि वह उन्हें अंदर से परेशान कर रहा था।

प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद कोहली ने कहा,
“पिछले दो मैचों में रन नहीं बनाना मुझे अंदर से खा रहा था क्योंकि मुझे पता था कि मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और गेंद भी अच्छे से लग रही है।”

उन्होंने कहा, “लेकिन जब आप बड़ी पारी नहीं खेल पाते और टीम के लिए असर नहीं छोड़ पाते, तो वह परेशान करता है। इतने सालों से मेरा लक्ष्य यही रहा है कि मैं खुद को बेहतर बनाऊं ताकि टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूं।”

कोहली ने माना कि लगातार असफलताओं के बाद थोड़ी घबराहट भी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि नाकामियां खिलाड़ी को और मजबूत बनाती हैं।

उन्होंने कहा, “शतक पूरा करने के बाद मैंने ज्यादा जश्न नहीं मनाया क्योंकि हमें इन अंकों की अहमियत पता है। टीम के लिए ज्यादा योगदान देना एक जागरूक प्रयास है।”

“लोग कहते हैं कि दबाव एक विशेषाधिकार है, और यह आपको विनम्र बनाए रखता है। अच्छा दबाव हमेशा आपके खेल को बेहतर करता है। जब कुछ मैच आपके पक्ष में नहीं जाते तो थोड़ी घबराहट होती है और वही आपको सुधारने में मदद करती है।”

उन्होंने आगे कहा, “इसमें बहुत मेहनत लगती है, लेकिन यही चीज आपके खेल को ऊपर ले जाती है। असफलताएं बहुत जरूरी होती हैं क्योंकि वही आपको दोबारा उठकर आगे बढ़ने की ताकत देती हैं।”

अपनी पारी के बारे में बात करते हुए कोहली ने कहा कि उन्होंने कोई असाधारण शॉट खेलने की कोशिश नहीं की और अपने प्राकृतिक खेल पर भरोसा रखा।

उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ क्रीज पर अपनी पोजिशन पर ध्यान दे रहा था, कुछ अलग करने की कोशिश नहीं की और अपने खेल पर भरोसा रखा। लेंथ को पहचानकर गैप में शॉट खेले। खुशी है कि मैं अपने गेम को सही तरीके से लागू कर पाया।”

वहीं RCB कप्तान रजत पाटीदार ने कहा कि टीम का 16 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंचना बेहद संतोषजनक है।

उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। पूरे टूर्नामेंट में अलग-अलग खिलाड़ियों ने अलग समय पर आकर टीम के लिए योगदान दिया है। हम एक समय में एक मैच और एक कदम आगे बढ़ने पर ध्यान दे रहे हैं।”

पाटीदार ने आगे कहा, “जीत से बहुत संतुष्ट हूं। 10 ओवर के बाद जिस तरह हमने उनकी पारी को कंट्रोल किया और शानदार शुरुआत के बावजूद उन्हें 192 रन पर रोका, वह हमारे लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।”