भारत के भरे हुए टी20 मिडिल ऑर्डर में क्यों बनती है रजत पाटीदार की जगह!

भारत की पूर्व महिला कप्तान अंजुम चोपड़ा का मानना है कि रजत पाटीदार ने लगातार दूसरी बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल खिताब जिताकर भारतीय टी20 टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश कर दिया है।

मंगलवार को यह घोषणा की गई कि पाटीदार मध्य प्रदेश लीग (MPL) टी20 में जेकेसी स्पोर्ट्स के स्वामित्व वाली ग्वालियर चीता टीम की कप्तानी करेंगे।

2026 सीज़न का पहला मुकाबला बुधवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में ग्वालियर चीता और उज्जैन फाल्कन्स के बीच खेला जाएगा।

अंजुम चोपड़ा ने कहा, “उन्हें भारतीय टी20 टीम में जरूर जगह मिलेगी, इसमें कोई शक नहीं है। उनके पास हमेशा से ही स्किल रही है। जब उन्होंने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था, तब भी वह बस एक मौके की बात थी।”

उन्होंने आगे कहा, “बस भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर इस समय बहुत भरा हुआ है। किसी भी बल्लेबाज के लिए मौका बनाना मुश्किल है। लेकिन पाटीदार हमेशा से बहुत स्किलफुल और टैलेंटेड रहे हैं। यह सिर्फ आईपीएल जीतने की बात नहीं है, बल्कि इससे यह भी साबित हुआ है कि वह अच्छे लीडर हैं और उनकी कप्तानी में फ्रेंचाइजी जीत रही है।”

वहीं, शानदार आईपीएल अभियान के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट में चर्चा का बड़ा विषय बन चुके हैं। हालांकि अंजुम का मानना है कि अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती मैदान के बाहर होगी।

उन्होंने कहा, “अगर यह सारी लोकप्रियता उनके सिर पर चढ़नी है, तो उन्हें खुद को संतुलित रखना होगा। फैन फॉलोइंग सबके सामने है। खेल के लिए लोगों का प्यार साफ दिखता है। अब यह उन पर निर्भर करता है कि वह इसे कैसे संभालते हैं, और उनके आसपास के लोग उन्हें यह सब मैनेज करना कैसे सिखाते हैं।”

Previous articleआईपीएल फाइनल में हार के बाद टूटा शुभमन गिल का दिल!
Next articleहश्मतुल्लाह शाहिदी भारत के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में अफगानिस्तान की उम्मीदों का केंद्र!
Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।