विश्व कप से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य पर जल्द फैसला जरूरी, युवराज सिंह ने दी अहम सलाह!

भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह का मानना है कि टीम इंडिया को अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर जल्द स्पष्टता लानी चाहिए। उनका कहना है कि अगर दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को विश्व कप की योजनाओं में शामिल करना है, तो टीम प्रबंधन को खुलकर उनका समर्थन करना चाहिए और उन्हें भरोसा देना चाहिए।

हालांकि युवराज की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ रोहित और विराट नहीं, बल्कि युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल हैं। उन्होंने कहा कि लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद जायसवाल को पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं, जो भविष्य में टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

जियोस्टार से बातचीत में युवराज सिंह ने कहा, “विराट और रोहित से ज्यादा मेरी चिंता यशस्वी जायसवाल को लेकर है। अगर विश्व कप आ गया और उसने पर्याप्त मैच नहीं खेले, तो अचानक उस पर दबाव बढ़ जाएगा।”

‘टीम प्रबंधन को रोहित और विराट के साथ साफ बात करनी चाहिए’

इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में शानदार 138 रन बनाकर अपने संन्यास की अटकलों पर विराम लगा दिया। वहीं विराट कोहली ने भी तीन मैचों की सीरीज में लगातार दो अर्धशतक लगाकर अच्छी फॉर्म के संकेत दिए, हालांकि भारत यह सीरीज 1-2 से हार गया।

युवराज ने कहा कि टीम के कोच, कप्तान और चयनकर्ताओं को वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य पर पूरी स्पष्टता रखनी चाहिए।

“कोच, कप्तान और चयनकर्ताओं को इस बारे में स्पष्ट होना चाहिए। मैं खुद उस स्थिति से गुजर चुका हूं, जिसमें आज रोहित और विराट हैं। इसलिए यह फैसला हमारा नहीं, बल्कि टीम प्रबंधन का होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप चाहते हैं कि रोहित और विराट विश्व कप खेलें, तो उनके कंधे पर हाथ रखकर कहिए कि हम आपको पूरी तरह समर्थन दे रहे हैं। आप बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलिए। ऐसा डर नहीं होना चाहिए कि अगर एक सीरीज खराब गई, तो टीम से बाहर कर दिए जाएंगे।”

अगले साल दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे में होने वाले वनडे विश्व कप के दौरान विराट कोहली 39 वर्ष के होंगे, जबकि रोहित शर्मा 40 वर्ष की उम्र पार कर चुके होंगे।

युवराज का मानना है कि उम्र और फॉर्म को लेकर बाहर चर्चा होती रहेगी, लेकिन टीम प्रबंधन को अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ ईमानदारी और पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “आदर्श स्थिति यही है कि टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का सही संतुलन हो। अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली आपकी विश्व कप योजनाओं का हिस्सा हैं, तो उन्हें अभी बता दीजिए और उनका पूरा समर्थन कीजिए।”

“अगर कोई खिलाड़ी आपकी योजनाओं में नहीं है, तो उसे भी साफ-साफ बता देना चाहिए। फैसला मुश्किल जरूर होगा और बाहर से लोगों को अच्छा नहीं लगेगा, लेकिन खिलाड़ी इस बात की सराहना करेंगे कि आपने उनसे ईमानदारी से बात की।”

युवराज सिंह ने यशस्वी जायसवाल को लेकर भी चिंता जताई। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ चेन्नई वनडे में नाबाद शतक लगाने वाले जायसवाल को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मौका नहीं मिला।

उन्होंने कहा, “अगर यशस्वी विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा हैं, तो उन्हें उससे पहले ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने चाहिए। अगर किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है, तो फिर क्या करेंगे?”

युवराज ने 2019 विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा, “हमने पहले भी देखा है कि चोट के कारण युवा खिलाड़ियों को बिना पर्याप्त अनुभव के बड़े टूर्नामेंट में उतरना पड़ा था। हमें अतीत की वही गलती दोहरानी नहीं चाहिए।”

भारत का इंग्लैंड दौरा निराशाजनक रहा। टीम पहले इंग्लैंड से टी20 सीरीज 0-4 से हारी, फिर आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 गंवाई और आखिर में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज भी 1-2 से हार गई।

युवराज सिंह ने माना कि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है।

उन्होंने कहा, “हमें यह समझना होगा और आलोचना को स्वीकार भी करना होगा। लेकिन लोग यह नहीं भूलें कि पिछले कुछ वर्षों में इसी भारतीय टीम ने तीन बड़े खिताब जीते हैं।”»

उन्होंने अंत में कहा, “टीम में नए खिलाड़ी आ रहे हैं और ऐसे बदलाव के दौर में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। अब समय है कि हम अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करें और मजबूत वापसी करें।”

भारत अब सितंबर में घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगा, जहां टीम की तैयारियों और संयोजन पर सभी की नजरें होंगी।