रोहित शर्मा ने संन्यास की अटकलों को किया खारिज, बोले- मेरा पूरा ध्यान सिर्फ रन बनाने और टीम की जीत में योगदान देने पर है!

भारतीय टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। रोहित ने साफ कहा कि उन्हें अपने करियर को लेकर होने वाले शोर-शराबे की पूरी जानकारी है, लेकिन वह इन बातों पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ मैदान पर रन बनाने और टीम की सफलता में योगदान देने पर फोकस करना चाहते हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस मुकाबले में रोहित ने शानदार 138 रन की पारी खेली और तमाम आलोचनाओं का जवाब अपने बल्ले से दिया।

बीसीसीआई टीवी से बातचीत में 39 वर्षीय रोहित ने कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं। जब तक मैं खेलता रहूंगा, तब तक ये शोर भी रहेगा। इसलिए मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की जीत में कितना योगदान देता हूं। मेरा पूरा ध्यान सिर्फ इसी पर रहता है। बाहर क्या बातें हो रही हैं, होने दीजिए। अगर कोई शोर ही नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा। मेरा काम मैदान के अंदर है और बाकी लोगों का काम मैदान के बाहर। मैं इसी तरह चीजों को देखता हूं।”

रोहित ने कहा, “मेरा काम बल्लेबाजी करना, मैदान पर उतरना और अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है। डेब्यू के समय से ही मुझे यही जिम्मेदारी दी गई है और मैं आगे भी यही करता रहूंगा।”

गौरतलब है कि रोहित अब वनडे क्रिकेट में 12,000 रन के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

लॉर्ड्स में लगाया गया रोहित का यह 34वां वनडे शतक उनके हालिया करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक माना जा रहा है, खासकर तब जब वह लगातार दबाव में थे।

रोहित ने इंग्लैंड में खेलने के अनुभव को लेकर कहा, “मुझे इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है। यहां का माहौल, मैदान और पिचें हर बार आपको अलग तरह से चुनौती देती हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर आप यही चाहते हैं कि हर मैच में आपको नई चुनौती मिले। मैंने आज बल्लेबाजी का भरपूर आनंद लिया।”

388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा और विराट कोहली ने शतकीय साझेदारी कर भारत की उम्मीदें जगा दी थीं। हालांकि टीम जीत नहीं सकी, लेकिन दोनों के बीच शानदार तालमेल एक बार फिर देखने को मिला।

रोहित ने कहा, “मैं और विराट पूरा करियर साथ खेले हैं। इसलिए उनके साथ बल्लेबाजी करना हमेशा अच्छा लगता है। हमने साथ में कई बड़ी साझेदारियां की हैं। हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और बल्लेबाजी के दौरान लगातार अपने विचार साझा करते रहते हैं।”

रोहित ने माना कि टीम ने सीरीज की शुरुआत शानदार की थी, लेकिन अंत निराशाजनक रहा।

उन्होंने कहा, “नतीजे से थोड़ा निराश हूं क्योंकि मुझे लगा कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे। बर्मिंघम में हमने शानदार शुरुआत की थी। कार्डिफ में बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और यहां हमें 388 रन जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करना था। हमने पूरी कोशिश की, लेकिन करीब 20-25 रन पीछे रह गए।”

रोहित शर्मा ने भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का भी बचाव किया। इस मैच में भारत के चार तेज गेंदबाजों के पास कुल मिलाकर सिर्फ 51 वनडे मैचों का अनुभव था।

उन्होंने कहा, “हमें यह समझना होगा कि इन गेंदबाजों ने अभी ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। उन्हें समय देना होगा। हम इस मैच से काफी कुछ सीख सकते हैं और अगली बार जब ऐसी स्थिति आएगी, तो निश्चित रूप से पहले से बेहतर प्रदर्शन करेंगे।”

अंत में रोहित ने कहा, “हार से निराश जरूर हूं क्योंकि हम मैच खत्म नहीं कर पाए, लेकिन अब हमें आगे बढ़ना होगा और अगली चुनौती के लिए तैयार रहना होगा।”