
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने आखिरकार रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गिल ने साफ कहा कि रोहित ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर या संन्यास को लेकर टीम के किसी भी खिलाड़ी से कोई चर्चा नहीं की है और जो भी खबरें सामने आ रही हैं, वे सिर्फ मीडिया में चल रही अटकलें हैं।
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर थी कि लॉर्ड्स में खेला गया तीसरा वनडे भारत के लिए रोहित शर्मा का आखिरी मुकाबला हो सकता है। हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन कर दिया था।
39 वर्षीय रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में हार के बावजूद शानदार 110 गेंदों पर 138 रन की पारी खेली। इस शतक के साथ वह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले और सबसे उम्रदराज भारतीय बल्लेबाज भी बन गए।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब शुभमन गिल से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “हमारी इस बारे में कोई बात नहीं हुई है। रोहित भाई ने हमें ऐसा कुछ भी नहीं बताया। मुझे लगता है कि यह सारी बातें सिर्फ मीडिया में चल रही हैं। टीम के अंदर इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है।”
शुभमन गिल ने रोहित शर्मा की 138 रन की पारी और उनकी बल्लेबाजी के अंदाज की भी खुलकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “रोहित भाई ने जिस तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया, वह शानदार था। ज्यादातर समय मैं नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़ा होकर उनकी बल्लेबाजी देख रहा था। हमारी बातचीत यही थी कि अगर हम विकेट बचाकर रखेंगे, तभी इतने बड़े लक्ष्य का पीछा कर पाएंगे।”
गिल ने आगे कहा, “पावरप्ले में हम इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि शुरुआत से आक्रामक खेलना चाहिए या नहीं, लेकिन नई गेंद के खिलाफ बड़े शॉट लगाना आसान नहीं होता। जिस तरह रोहित भाई ने पहले पारी को संभाला और फिर 70 रन के बाद तेजी से रन बनाए, वह देखना शानदार था।”
पूरी वनडे सीरीज में कुलदीप यादव को मौका नहीं दिए जाने पर शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर की काफी आलोचना हुई। वहीं इंग्लैंड ने अपने स्पिन गेंदबाजों का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
इस फैसले पर गिल ने माना कि मैच खत्म होने के बाद ऐसा जरूर लगा कि इस पिच पर दो स्पिनरों के साथ उतरना बेहतर विकल्प हो सकता था।
उन्होंने कहा, “इससे पहले खेले गए मैचों में हमने देखा था कि पिच बाद में थोड़ी धीमी हो जाती थी। जब हम गेंदबाजी कर रहे थे और अक्षर भाई गेंद डाल रहे थे, तब ऐसा नहीं लग रहा था कि विकेट इतना धीमा होगा। लेकिन जब इंग्लैंड की टीम गेंदबाजी करने आई, तो लगा कि मैच बढ़ने के साथ पिच थोड़ी और धीमी हो गई।”
गिल ने यह भी बताया कि भारतीय स्पिनरों के गेंदबाजी करने के दौरान टीम को रक्षात्मक रणनीति अपनानी पड़ रही थी।
“जब भी हमारे स्पिनर गेंदबाजी कर रहे थे, ऐसा महसूस हो रहा था कि हमें रक्षात्मक लाइन अपनानी पड़ रही है। जबकि तेज गेंदबाजों के गेंदबाजी करने पर लगातार कुछ न कुछ हो रहा था। यही वजह थी कि हमने एक अतिरिक्त स्पिनर को टीम में शामिल नहीं किया।”








