
भारतीय ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने 2025 के इंग्लैंड दौरे के दौरान अपनी गेंदबाजी का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पिछली बार जब उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला था, तब उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिले।
शार्दुल ने माना कि इंग्लैंड दौरे पर बल्लेबाजी में उनसे एक गलती जरूर हुई थी, लेकिन उनका मानना है कि 2024-25 सीजन में उन्हें जितने मौके मिले, उससे कहीं ज्यादा मैच खेलने चाहिए थे। भारत के लिए उनका आखिरी टेस्ट मैच मैनचेस्टर में खेला गया चौथा टेस्ट था।
पूरे इंग्लैंड दौरे में शार्दुल को पांच में से सिर्फ दो टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। इन दो मुकाबलों में उन्होंने कुल 27 ओवर गेंदबाजी की, दो विकेट लिए और 46 रन बनाए।
उन्होंने मैनचेस्टर टेस्ट में अपनी बल्लेबाजी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत ने मुश्किल परिस्थितियों में 358 रन बनाए थे। बाद में पिच बल्लेबाजी के लिए आसान हो गई और इंग्लैंड ने पहली पारी में 669 रन बना दिए।
शार्दुल ने कहा, “जब मैंने इंग्लैंड में खेला, तो मेरी गेंदबाजी का सही इस्तेमाल नहीं किया गया। बल्लेबाजी में हां, लीड्स में मैंने एक खराब शॉट खेला, वह मेरी गलती थी। लेकिन मैनचेस्टर में मैंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की थी।”
उन्होंने आगे कहा, “मौसम बादलों से घिरा था, गेंद स्विंग कर रही थी और पिच पर गेंद अनियमित उछाल ले रही थी। मैंने उस मुश्किल दौर का सामना किया और भारत को पहली पारी में मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया।”
“बाद में पिच पूरी तरह सपाट हो गई और हम मैच बचाने में सफल रहे। अगर दूसरी नई गेंद के समय मेरी वह पारी नहीं होती, तो शायद नतीजा अलग भी हो सकता था। इसलिए ऐसा नहीं है कि पिछली बार भारत के लिए खेलते हुए मेरा कोई योगदान नहीं था।”
शार्दुल का मानना है कि उन्हें सिर्फ कम ओवर नहीं दिए गए, बल्कि गलत समय पर गेंदबाजी भी कराई गई।
उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि बात सिर्फ कम गेंदबाजी कराने की नहीं थी, बल्कि मुझे गलत समय पर गेंदबाजी भी दी गई। इसमें कहीं न कहीं रणनीति की गलती थी।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस बारे में कप्तान शुभमन गिल या मुख्य कोच गौतम गंभीर से बात की थी, तो उन्होंने कहा, “आमतौर पर कप्तान या कोच से ऐसी बातें नहीं होतीं क्योंकि पूरा ध्यान मैच पर होता है। जब भी आपको गेंद या कोई जिम्मेदारी दी जाती है, तो आपके दिमाग में सिर्फ यही होता है कि अब मुझे टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है। कभी ऐसा हो जाता है और कभी नहीं।”
भारतीय टेस्ट टीम से बाहर किए जाने पर शार्दुल ने कहा, “इस पर कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन 2024-25 सीजन में जिस तरह का प्रदर्शन मैंने किया, उसके बाद मुझे कुछ और मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए था और मैं टीम के लिए फर्क पैदा कर सकता था।”
उन्होंने लीड्स टेस्ट का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने लगातार दो गेंदों पर बेन डकेट और हैरी ब्रूक को आउट कर भारत की मैच में वापसी कराई थी।
शार्दुल ने कहा, “लीड्स में मैंने लगातार दो विकेट लेकर भारत की मैच में वापसी कराई थी। लेकिन उसके बाद मुझे गेंदबाजी से हटा दिया गया।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर मुझे उस समय लंबा स्पेल करने दिया जाता, तो शायद मैं एक-दो विकेट और ले सकता था। फिर दूसरे गेंदबाज आते और शायद हम वह मैच भी जीत सकते थे।”
“लेकिन अब अगर-मगर से नतीजा नहीं बदलने वाला। कप्तान से इस तरह की बातें आमतौर पर नहीं होतीं। आपको जो जिम्मेदारी दी जाती है, वही निभानी होती है।”
34 वर्षीय शार्दुल ने साफ कहा कि उनका लक्ष्य भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करना है।
उन्होंने कहा, “मैं 100 प्रतिशत तैयार हूं और भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करना चाहता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। जब-जब मुझे देश के लिए खेलने का मौका मिला है, मैंने कई मैचों में प्रभाव डाला है और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।”








