
डेनमार्क के हॉर्सेन्स में खेले गए थॉमस कप फाइनल्स के सेमीफाइनल में भारत का अभियान खत्म हो गया, जहां उसे फ्रांस के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा और टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत एक भी मुकाबला नहीं जीत सका। एचएस प्रणॉय, आयुष शेट्टी और किदांबी श्रीकांत तीनों को हार झेलनी पड़ी। प्रणॉय को विश्व नंबर 17 टोमा जूनियर पोपोव के खिलाफ 19-21, 16-21 से हार मिली। लक्ष्य सेन की गैरमौजूदगी भी टीम के लिए भारी साबित हुई।
2022 में चैंपियन रही भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पहले ही पदक सुनिश्चित कर लिया था। इससे पहले भारत 1952, 1955 और 1979 में भी कांस्य पदक जीत चुका है।
सेमीफाइनल से पहले ही भारत को बड़ा झटका लगा जब लक्ष्य सेन को चीनी ताइपे के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में लगी कोहनी की चोट के कारण बाहर होना पड़ा। उनके बिना टीम मजबूत फ्रांसीसी टीम के सामने टिक नहीं सकी।
पहले मैच में आयुष शेट्टी को विश्व नंबर 4 क्रिस्टो पोपोव ने 21-11, 21-9 से आसानी से हरा दिया और फ्रांस को शुरुआती बढ़त दिलाई।
दूसरे मुकाबले में अनुभवी श्रीकांत का सामना विश्व नंबर 10 एलेक्स लैनियर से हुआ। श्रीकांत ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन लैनियर ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखते हुए 21-16, 21-18 से जीत दर्ज की।
0-2 से पीछे चल रही भारतीय टीम के लिए प्रणॉय को हर हाल में जीतना जरूरी था। पहले गेम में उन्होंने 19-18 की बढ़त भी बनाई, लेकिन पोपोव ने शानदार वापसी करते हुए 21-19 से गेम अपने नाम किया।
दूसरे गेम में भी पोपोव ने आक्रामक खेल जारी रखा और प्रणॉय 16-21 से हार गए, जिससे फ्रांस ने 3-0 से मुकाबला जीत लिया।
इससे पहले भारत ने क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे को 3-0 से हराकर शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।








