नंबर 3 की जंग: साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के बीच अहम टेस्ट भूमिका की लड़ाई!

भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 जैसी महत्वपूर्ण बल्लेबाजी पोजीशन पर किसी एक खिलाड़ी को लगातार मौके दिए जाने चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि चेतेश्वर पुजारा के जाने के बाद इस स्थान पर बहुत ज्यादा बदलाव हुए हैं, जो टीम के लिए आदर्श स्थिति नहीं है।

पुजारा ने 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट खेला था और 2025 में संन्यास की घोषणा कर दी थी। तब से इस स्थान पर वॉशिंगटन सुंदर, करुण नायर, देवदत्त पडिक्कल, साई सुदर्शन और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों को आजमाया जा चुका है।

हालांकि साई सुदर्शन ने अब तक 6 टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन उनका औसत 27 से थोड़ा अधिक ही रहा है।

टेन डोशेट ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इस स्थान पर काफी बदलाव हुए हैं और यह आदर्श स्थिति नहीं है। आपको इस भूमिका के लिए खिलाड़ियों को देखना होगा और फिर किसी एक पर भरोसा करके उसे लगातार मौके देने होंगे।”

हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि अफगानिस्तान के खिलाफ नंबर 3 पर देवदत्त पडिक्कल खेलेंगे या साई सुदर्शन।

दोनों बल्लेबाजों को हाल के नेट सत्रों में काफी समय दिया गया। अभ्यास के दौरान पडिक्कल को कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल के साथ स्लिप फील्डिंग करते हुए भी देखा गया। वहीं राहुल के नेट्स से जाने के बाद साई सुदर्शन बल्लेबाजी के लिए आए। अभ्यास के दौरान उनका बल्ला एक बार फिर हाथ से छूटकर पीछे की ओर उड़ गया, जैसा आईपीएल में भी दो बार देखने को मिला था।

टेन डोशेट ने कहा, “नंबर 3 बल्लेबाजी के लिए बहुत कठिन और बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। देवदत्त घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों में ढेर सारे रन बनाकर आए हैं, जबकि साई गुजरात के लिए आईपीएल में शानदार रन बनाकर आए हैं। दोनों अच्छी फॉर्म में हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जो भी खिलाड़ी चुना जाएगा, उसे पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।

“जो भी खेलेगा, उसे कुछ समय तक लगातार मौका दिया जाएगा। हालांकि फिलहाल यह थोड़ा मुश्किल है क्योंकि अभी एक टेस्ट मैच है, फिर दो महीने तक कोई टेस्ट नहीं है, उसके बाद दो टेस्ट मैच होंगे और फिर लंबा अंतराल रहेगा। इसलिए हमें इन बातों को भी ध्यान में रखना होगा।”

टेन डोशेट का मानना है कि टीम प्रबंधन को जल्द फैसला लेकर चुने गए खिलाड़ी पर भरोसा करना चाहिए।

“मुख्य बात यह है कि हम फैसला लें और फिर उस खिलाड़ी पर भरोसा करें ताकि वह धीरे-धीरे इस भूमिका में खुद को स्थापित कर सके। आदर्श रूप से यह प्रक्रिया जल्दी होनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी माना कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पहले किसी खिलाड़ी को लगातार समर्थन देना शायद बेहतर होता।

इस बीच तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को लेकर चल रही वर्कलोड मैनेजमेंट की चर्चाओं को भी उन्होंने खारिज कर दिया।

“सिराज ने कल गेंदबाजी की थी और वह पूरी तरह फिट और लय में नजर आए।”

स्पिन विभाग को लेकर भी टेन डोशेट ने संकेत दिए कि कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर का खेलना लगभग तय है, जबकि मानव सुथार और हर्ष दुबे में से किसी एक को मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा, “दोनों के एक साथ खेलने की संभावना बहुत कम है। हमने अभी अंतिम संयोजन तय नहीं किया है, लेकिन मेरा मानना है कि कुलदीप खेलेंगे, वॉशिंगटन खेलेंगे और फिर मानव सुथार तथा हर्ष दुबे में से एक खिलाड़ी को मौका मिलेगा।”

हालांकि नेट्स में मानव सुथार अधिक प्रभावशाली दिखे, लेकिन हर्ष दुबे की बेहतर बल्लेबाजी क्षमता उन्हें टेस्ट कैप दिला सकती है। फिर भी सुथार भी बल्लेबाजी में कमजोर नहीं हैं और उनके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक शतक दर्ज है।

टेन डोशेट ने बताया कि टीम संयोजन बनाते समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को ध्यान में रखा जा रहा है।

“मेरा मानना है कि हम दो तेज गेंदबाज, एक स्पिन ऑलराउंडर और दो स्पिनरों के साथ उतरेंगे। जिन दो नए खिलाड़ियों को हमने शामिल किया है, वे भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।”

उन्होंने अंत में कहा, “विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में हमारे लिए नौ बेहद महत्वपूर्ण टेस्ट मैच बचे हैं। फाइनल में पहुंचना इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और यह शायद हमारा आखिरी बड़ा मौका भी है।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।