50वें टेस्ट से पहले ऋषभ पंत ने अपनाया अधिक अनुशासित रवैया!

अपने ऐतिहासिक 50वें टेस्ट मैच से दो दिन पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत एक नए अंदाज़ में नजर आए। हालांकि उनके आक्रामक शॉट्स का रोमांच अभी भी बरकरार है, लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी में पहले से ज्यादा अनुशासन और संयम दिखाई दिया।

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र में पंत का बदला हुआ रवैया साफ नजर आया। उनकी शांत बॉडी लैंग्वेज और अभ्यास के दौरान दिखाया गया धैर्य इस बात का संकेत था कि वह मुख्य कोच गौतम गंभीर की सलाह पर काम कर रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट में यह किसी से छिपा नहीं है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के पिछले टेस्ट मैच में पंत के गैर-जिम्मेदाराना शॉट चयन से गंभीर काफी नाराज थे। उस मैच में दोनों पारियों में उनके आउट होने के तरीके की काफी आलोचना हुई थी, क्योंकि टीम को अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों में से एक से ज्यादा जिम्मेदारी की उम्मीद थी।

अभ्यास के दौरान गंभीर की नजर लगातार पंत पर बनी रही। नेट्स में स्पिनरों का सामना करते हुए पंत बार-बार मजबूत फ्रंट-फुट और बैक-फुट डिफेंस का अभ्यास करते दिखे। हालांकि बीच-बीच में उनके चिर-परिचित शानदार आक्रामक शॉट्स भी देखने को मिले।

पंत को देखकर साफ लग रहा था कि गंभीर ने उनसे इस बारे में खुलकर बातचीत की है।

सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने बताया, “मुझे लगता है कि वह एक अच्छे रोल मॉडल और वरिष्ठ खिलाड़ी की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मैंने कल उन्हें और गौती (गौतम गंभीर) को इसी विषय पर बातचीत करते हुए सुना था। चर्चा इस बात पर थी कि एक वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर उन्हें खुद को कैसे पेश करना है और मैदान पर किस तरह खेलना है।”

हाल ही में उपकप्तानी छिनने के बावजूद टीम प्रबंधन को नहीं लगता कि इससे पंत की लीडिंग भूमिका पर कोई असर पड़ा है।

टेन डोशेट ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस स्तर की टीम में नेतृत्व करने के लिए किसी औपचारिक पद की जरूरत होती है। ऋषभ यह बात अच्छी तरह समझते हैं।”

ऋषभ पंत की बल्लेबाज़ी अक्सर साहस और जोखिम के बीच की पतली रेखा पर चलती है। उनके खेल को लेकर उन्हें जितनी तारीफ मिलती है, उतनी ही आलोचना भी होती है। लेकिन टीम प्रबंधन उनकी स्वाभाविक आक्रामकता को खत्म नहीं करना चाहता।

टेन डोशेट ने कहा, “हम ऋषभ की प्रतिभा और उनकी स्वाभाविक शैली को कम नहीं करना चाहते। लेकिन कुछ परिस्थितियों में अगर वह मैच की मांग के अनुसार अपने खेल में थोड़ा बदलाव करें, तो यह ऐसी चीज है जिस पर वह काम कर रहे हैं।”

टीम प्रबंधन का मानना है कि खुश और आत्मविश्वासी ऋषभ पंत सबसे खतरनाक बल्लेबाज़ साबित होते हैं। इसलिए गंभीर और टेन डोशेट दोनों इस बात से संतुष्ट हैं कि पंत का मनोबल पूरी तरह ऊंचा है।

टेन डोशेट ने कहा, “वह हमेशा की तरह खुश और सकारात्मक नजर आ रहे हैं। वह टीम का माहौल हल्का और ऊर्जावान बनाए रखते हैं। हमें उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं है। लीडरशिप समूह में उनकी भूमिका बदली है, लेकिन इसे देखकर आप महसूस भी नहीं कर सकते। ऋषभ को लेकर कोई चिंता नहीं है और मैं उन्हें फिर से खेलते देखने के लिए उत्साहित हूं।”

अब सभी की नजरें शनिवार से शुरू होने वाले टेस्ट मैच पर होंगी, जहां ऋषभ पंत अपने करियर का 50वां टेस्ट खेलेंगे और एक नए, अधिक मैच्योर अंदाज़ में मैदान पर उतरते नजर आ सकते हैं।