वनडे भविष्य पर अटकलों के बीच रोहित शर्मा को मिला बड़ा समर्थन, लालचंद राजपूत बोले- अभी दो साल और खेल सकते हैं!

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनके शुरुआती कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर लालचंद राजपूत का मानना है कि रोहित अभी भी कम से कम दो साल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष का कारण खराब फॉर्म नहीं, बल्कि दो दशक तक लगातार क्रिकेट खेलने से शरीर पर पड़ा असर है।

हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित को बता दिया है कि वह 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं। हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को तुरंत खारिज कर दिया था।

रोहित शर्मा को नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में शुरुआती दिनों से देखने वाले लालचंद राजपूत ने कहा, “मैं अटकलों पर भरोसा नहीं करता। जब तक ऐसा आधिकारिक तौर पर नहीं होता, तब तक इस पर बात करने का कोई मतलब नहीं है। मेरा मानना है कि रोहित अभी भी कम से कम दो साल और खेलने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।”

2007 टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर रह चुके राजपूत ने आगे कहा, “वह पूरी तरह फिट हैं और अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है। अगर आप उन्हें अब देखें, तो वह पहले से ज्यादा फिट और स्लिम नजर आते हैं। पिछले मैच में उनकी बल्लेबाजी में फिर से ‘हिटमैन’ की झलक देखने को मिली। मुझे लगता है कि वह सिर्फ एक बड़ी पारी से अपनी लय वापस हासिल कर लेंगे।”

जब राजपूत से पूछा गया कि क्या भारत को अब रोहित से आगे की योजना बनानी चाहिए, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह काल्पनिक सवाल है। अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। फिलहाल हमें रोहित पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और अपनी फिटनेस के लिए काफी मेहनत कर चुके हैं। उन्होंने शानदार वापसी की है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब सही समय आएगा, तब भविष्य पर चर्चा की जा सकती है। अभी जिस तरह उन्होंने अपनी फिटनेस पर मेहनत की है, उसे देखकर लगता है कि उनका लक्ष्य 2027 तक खेलना है। इसलिए हमें इंतजार करना चाहिए।”

रोहित के मौजूदा प्रदर्शन पर राजपूत ने कहा कि लंबे करियर के बाद खिलाड़ियों के शरीर पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा, “जब आप इतने सालों तक क्रिकेट खेलते हैं, तो शरीर पर उसका असर पड़ता ही है। हर क्रिकेटर को चोटों का सामना करना पड़ता है। अहम बात यह होती है कि आप वापसी कैसे करते हैं और रोहित ने हमेशा शानदार वापसी की है। अब वह सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं और उसमें भी अपनी छाप छोड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मुझे अब भी लगता है कि उनमें ऊर्जा भी है और अच्छा प्रदर्शन करने की भूख भी।”

राजपूत का मानना है कि रोहित की बल्लेबाजी की सोच में भी थोड़ा बदलाव आया है।

उन्होंने कहा, “पहले कप्तान के तौर पर वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हमला करके मैच का रुख तय करना चाहते थे। लेकिन अब उन्हें एहसास है कि उन्हें लंबी पारी खेलनी होगी। वह खराब गेंदों पर अब भी आक्रामक शॉट खेलेंगे, लेकिन साथ ही पारी को संवारने और टीम को मजबूत शुरुआत देने की कोशिश भी करेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि वह जल्द ही शतक लगाएंगे।”

राजपूत ने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ अपने रन बनाने की क्षमता ही नहीं, बल्कि अपनी मौजूदगी से भी टीम को मजबूती देते हैं।

उन्होंने कहा, “इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है। वे टीम के दो सबसे बड़े स्तंभ हैं। विरोधी टीमें भी उनका सम्मान करती हैं और उनसे डरती हैं। जब रोहित और विराट प्लेइंग इलेवन में होते हैं, तो पूरी टीम का आत्मविश्वास अलग ही स्तर पर होता है। युवा खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं, क्योंकि इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर टिके रहने के लिए सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि जबरदस्त मानसिक मजबूती और शानदार फिटनेस भी चाहिए होती है।”