
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कहा कि उनकी टीम की इस सीजन की पहली हार कई कारणों का नतीजा थी, जिसमें बल्लेबाजों का गेंद की गति को सही तरह से समझ न पाना भी शामिल है।
हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 57 रन से हराया। इस मैच में राजस्थान का मजबूत टॉप ऑर्डर—यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल—एक साथ फ्लॉप हो गया।
मैच के बाद पराग ने कहा, “मुझे लगता है कि यह कई चीजों का मिश्रण था। हमें गेंद की गति को समझने में थोड़ी परेशानी हुई—गेंद हाथ से निकलते समय और पिच पर आने के बाद अलग तरह से व्यवहार कर रही थी।”
उन्होंने आगे कहा, “वैभव को लगा गेंद थोड़ी तेज आएगी, लेकिन वह धीमी रही। ध्रुव के साथ भी ऐसा ही हुआ। जायसवाल उस शॉट को 10 में से 9 बार मार देते हैं, लेकिन इस बार नहीं कर पाए। मुझे फुल गेंद मिली, जिसे मैं सही से हिट नहीं कर पाया। मैं यह नहीं कहूंगा कि हम बदकिस्मत थे, लेकिन कई चीजें एक साथ हुईं, जिसकी वजह से हम शॉट्स कनेक्ट नहीं कर पाए।”
पराग ने यह भी माना कि टीम की गेंदबाजी में भी कमी रही।
“शुरुआत में हम ठीक थे, लेकिन मिडिल ओवर्स में हमने करीब 30 रन ज्यादा दे दिए। हम बेहतर विकल्प अपना सकते थे—जैसे स्लोअर बॉल, स्लोअर बाउंसर या वाइड यॉर्कर। क्वालिटी की कमी नहीं थी, लेकिन एग्जीक्यूशन सही नहीं रहा।”
कप्तान पराग ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की और उन्हें भविष्य का स्टार बताया।
“10 साल बाद वह मेरी उम्र का होगा, लेकिन फिलहाल मैं चाहता हूं कि वह मानसिक रूप से मजबूत रहे। जैसे वह खेल रहा है, वैसे ही खेलता रहे, ज्यादा मैच जिताए और हमें खिताब दिलाए। उम्मीद है कि वह जल्द ही भारत के लिए खेलेगा।”
पराग ने कहा कि इतनी कम उम्र में भी वैभव ने काफी अनुभव हासिल कर लिया है।
“हर बार मैदान पर उतरने से अनुभव मिलता है। वह भले ही 15 साल का हो, लेकिन पिछले साल खेलने से उसने काफी कुछ सीखा है। अंडर-19 वर्ल्ड कप और एशिया कप में भी उसने अच्छा प्रदर्शन किया है और हर जगह रन बनाए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैच सिचुएशन में खेलना, बड़े रन बनाना और टीम को जिताना—इन सब से उसे बहुत अनुभव मिला है। यही अनुभव उसे आगे और बेहतर खिलाड़ी बनाएगा।”








