
रविवार को रायपुर में खेले गए लो-स्कोरिंग थ्रिलर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को दो विकेट से हराकर IPL प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया। मैच के बाद क्रुणाल पांड्या ने कहा कि आखिर में भुवनेश्वर कुमार ने “मैच का सबसे इंपॉर्टेंट शॉट” खेला।
भुवनेश्वर कुमार, जिन्होंने इससे पहले गेंदबाजी में 4 ओवर में 23 रन देकर 4 विकेट लिए थे, उन्होंने आखिरी ओवर में राज बावा की गेंद पर कवर के ऊपर शानदार छक्का जड़कर समीकरण को अंतिम तीन गेंदों पर 9 रन से घटाकर अंतिम दो गेंदों पर 3 रन कर दिया।
क्रुणाल पांड्या ने 46 गेंदों में 73 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच छक्के और चार चौके शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत RCB ने आखिरी गेंद पर रोमांचक जीत दर्ज की।
क्रुणाल ने कहा, “भुवी ने जो शॉट खेला, वही मैच का शॉट था। यह ऐसी विकेट थी जहां आपको सही क्रिकेटिंग शॉट खेलने पड़ते। अच्छी पोजिशन में जाकर धैर्य के साथ बल्लेबाजी करनी थी।”
अपनी पारी के दौरान आए क्रैम्प्स के बारे में क्रुणाल ने कहा, “सब ठीक है, लेकिन मुझे बहुत ज्यादा क्रैम्प हुए। अब से मुझे ज्यादा फ्लूइड्स और खाना लेना पड़ेगा। पहले पिंडली में, फिर ग्लूट्स और फिर पीठ तक दर्द पहुंच गया था। यह मेरे लिए नया अनुभव था। लेकिन सबसे जरूरी वे दो अंक थे। मुझे मुश्किल परिस्थितियां पसंद हैं क्योंकि मैं हमेशा तैयार रहता हूं।”
भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि वह इस मैच में लगाए गए अपने छक्के को कभी नहीं भूलेंगे।
उन्होंने कहा, “वो छक्का निश्चित तौर पर खास रहेगा, क्योंकि मैंने कई बार गेंदबाजी की है और विकेट लिए हैं, लेकिन उस छक्के का मजा सबसे ज्यादा आएगा।”
अपनी निरंतरता पर भुवनेश्वर ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मोटिवेशन मेरे लिए बहुत ओवररेटेड शब्द है। आप कोई कोट पढ़ते हैं या वीडियो देखकर कुछ दिनों के लिए मोटिवेट हो जाते हैं, लेकिन वह जल्दी खत्म हो जाता है। अनुशासन मुझे आगे बढ़ाता है। मेरे फिजियो मुझे फिट रहने में मदद करते हैं। विकेट भी अहम भूमिका निभाती है। आज विकेट दो गति वाली थी।”
उन्होंने आगे कहा, “अच्छी बात यह है कि पूरे साल मुझे मैच प्रैक्टिस मिलती रहती है और बीच-बीच में आराम भी। जब आप वही करते हैं जो आप करना चाहते हैं, तो आत्मविश्वास अपने आप आता है। हमारे लिए ये दो अंक बहुत जरूरी थे। अगर हम यह मैच हार जाते तो दबाव में आ जाते।”
हालांकि, RCB कप्तान रजत पाटीदार ने माना कि उनकी टीम जीत की हकदार नहीं थी क्योंकि इतने मजबूत बल्लेबाजी क्रम के बावजूद मुकाबला आखिर तक गया।
उन्होंने कहा, “गेंदबाजों ने शानदार काम किया और उन्हें 166 पर रोक दिया। लेकिन सच कहूं तो मुझे नहीं लगता कि हम जीत के हकदार थे क्योंकि हमारी बल्लेबाजी लाइनअप के हिसाब से हमें यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लेना चाहिए था।”
मुंबई इंडियंस के कार्यवाहक कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें आखिरी ओवर में राज बावा पर भरोसा था, जब 15 रन बचाने थे। हालांकि, बावा ने भुवनेश्वर को छक्का देने के साथ पांच अतिरिक्त रन भी दिए।
सूर्यकुमार ने कहा, “वह डेथ ओवर गेंदबाजी की काफी प्रैक्टिस कर रहा था और इस साल बिल्कुल अलग ऑलराउंडर नजर आया। उसने लगभग मैच हमारे लिए निकाल ही दिया था। लेकिन मुझे लगता है कि हम 10-15 रन कम बना पाए।”








