आईपीएल 2026: एक और सीजन, एक और दिल टूटना — ट्रॉफी से अब भी दूर दिल्ली कैपिटल्स!

दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव ने कहा कि 18 सालों में भी आईपीएल ट्रॉफी न जीत पाना “दर्द देता है” और उन्होंने टीम के इस निराशाजनक सीजन का कारण अलग-अलग विभागों का अस्थिर प्रदर्शन बताया।

शुक्रवार को कोलकाता नाइट राइडर्स से 8 विकेट की हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। यह इस सीजन में उनकी सातवीं हार थी।

दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स आईपीएल की दो ऐसी मूल टीमें हैं, जिन्होंने अब तक एक भी आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीती है। दिल्ली का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2020 में आया था, जब टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन मुंबई इंडियंस से 5 विकेट से हारकर उपविजेता रही थी।

पीटीआई के अनुसार, 2011 से 2013 तक दिल्ली के लिए खेल चुके राव ने कहा, “स्पष्ट रूप से, 18 साल बाद यह दर्द देता है। जब मैं अपने खेलने के दिनों को याद करता हूं, तो हमेशा जीतना चाहता था। लेकिन अब प्रशासन और कोचिंग की भूमिका में आने के बाद भी मैं इस प्रक्रिया से बहुत कुछ सीख रहा हूं।”

दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन बाद में टीम लय हासिल करने में संघर्ष करती रही और अलग-अलग विभाग अहम मौकों पर विफल रहे।

राव ने कहा, “मैं सिर्फ एक विभाग को दोष नहीं दे सकता। अलग-अलग मैचों में अलग-अलग विभागों ने हमें निराश किया। पंजाब के खिलाफ हमने बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन गेंदबाजी के दौरान कैच छोड़ दिए। कुछ मैचों में गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाए।”

राव का मानना है कि खास तौर पर बल्लेबाजी यूनिट को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खेलने में परेशानी हुई।

उन्होंने कहा, “पिछले दो मैचों में विशेष रूप से बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाए। अगर आप मुझसे पूछें, तो हां, बल्लेबाजी वह क्षेत्र रहा है जहां हमें कुछ परिस्थितियों में बेहतर तरीके से सामंजस्य बैठाने की जरूरत थी। शुरुआती मैचों में भी चार-पांच विकेट जल्दी गिरने के बाद हमने कुछ मुकाबले जीत लिए थे। लेकिन कई बार बल्लेबाजी यूनिट ने हमें निराश किया।”

उन्होंने मैच के अहम पलों का फायदा न उठा पाने को भी टीम की बड़ी कमजोरी बताया।

“मैच जीतने के लिए खेल के महत्वपूर्ण हिस्सों को जीतना जरूरी होता है। हम लगातार ऐसा नहीं कर पाए। अगर आप पंजाब या गुजरात के खिलाफ मैच देखें, तो कुछ गेंदें या दो रन ऐसे रहे जिन्होंने मैच का रुख बदल दिया।

लगभग हर मुकाबले में हम छोटे-छोटे अहम पलों को अपने पक्ष में नहीं कर पाए और यही वजह है कि आज हम पॉइंट्स टेबल में इस स्थिति में हैं।”

स्पिनर कुलदीप यादव और कप्तान अक्षर पटेल के फॉर्म में गिरावट ने भी दिल्ली की मुश्किलें बढ़ा दीं।

राव ने कहा, “कुलदीप और अक्षर जैसे खिलाड़ी अगर दोनों साथ में अच्छे फॉर्म में हों, तो गेंदबाजी यूनिट काफी मजबूत हो जाती है। लेकिन जब एक अच्छा कर रहा हो और दूसरा नहीं, खासकर मिडिल ओवर्स में, तो इसका असर पूरी गेंदबाजी पर पड़ता है। फिलहाल हम इसी समस्या का सामना कर रहे हैं।”

दिल्ली कैपिटल्स फिलहाल 11 मैचों में सिर्फ 8 अंकों के साथ अंक तालिका में नौवें स्थान पर है, जिससे प्लेऑफ में पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है।

प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए टीम को अपने बाकी तीनों मैच जीतने होंगे और साथ ही अन्य नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा।

राव ने अंत में कहा, “अगले तीन मैचों में देखेंगे कि चीजें कैसे आगे बढ़ती हैं। हम एक समय में एक मैच पर ध्यान देंगे। जरूरत पड़ी तो बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को भी मौका देंगे। आगे बढ़ते हुए हम यही चीजें परखना चाहते हैं।”