
भारत के कप्तान शुभमन गिल ने पहले वनडे में मुश्किल परिस्थितियों में मिडिल ऑर्डर के शानदार प्रदर्शन के बाद टीम पर अपना भरोसा जताया। 259 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत का स्कोर एक समय 160/4 था, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52) और अक्षर पटेल (नाबाद 57) के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई 102 रन की अटूट साझेदारी ने टीम को जीत दिला दी।
मैच के बाद पीटीआई के अनुसार गिल ने कहा, “हम पर दबाव जरूर था, लेकिन जिस तरह हमने वापसी की, वह सबसे महत्वपूर्ण था। जब आपका मिडिल और लोअर मिडिल ऑर्डर रन बनाकर मैच खत्म करता है, तो कप्तान के तौर पर आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है।”
गिल ने संकेत दिया कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप से पहले भारत अलग-अलग टीम संयोजनों को आजमाएगा, ताकि सबसे संतुलित टीम तैयार की जा सके।
उन्होंने कहा, “हम अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाएंगे और देखेंगे कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कौन-सा संयोजन हमें सबसे ज्यादा मजबूती देता है। यहां की परिस्थितियां दक्षिण अफ्रीका जैसी थीं। गेंद उछाल ले रही थी और शुरुआत में रन बनाना आसान नहीं था, लेकिन बाद में विकेट बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो गया।”
गिल ने कहा कि टीम को अपनी बल्लेबाजी पर पूरा भरोसा है और अगर लक्ष्य 300 से 320 रन का भी होता, तब भी उन्हें उसे हासिल करने का विश्वास था।
उन्होंने कहा, “हमारा गेंदबाजी आक्रमण अभी अपेक्षाकृत युवा है, जबकि बल्लेबाजी अधिक अनुभवी है। इसलिए अगर लक्ष्य 300-320 रन का भी होता, तब भी हमें उसे हासिल करने का भरोसा था। हालांकि, पारी के मध्य ओवरों में हमारी गेंदबाजी काफी अच्छी रही। पावरप्ले के अंत में इंग्लैंड ने तेजी से रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद हमने सही क्षेत्रों में गेंदबाजी की।”
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अक्षर पटेल ने कहा कि उनकी योजना लगातार स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी करने की थी।
उन्होंने कहा, “आज अपने प्रदर्शन से मैं बहुत खुश हूं। मैंने गति में बदलाव करने और स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी करने की योजना बनाई थी और वही किया। चार विकेट मिले, इसमें किस्मत का भी साथ मिला।”
बल्लेबाजी को लेकर अक्षर ने कहा, “वॉशिंगटन के साथ हमारी कोशिश स्ट्राइक रोटेट करने और मैच को अच्छी तरह खत्म करने की थी। जब मैं बल्लेबाजी के लिए आया, तब वॉशी पहले से क्रीज पर थे। हमारा लक्ष्य साझेदारी बनाना और मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाना था।”
वहीं, इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने मध्य ओवरों में टीम की खराब बल्लेबाजी को हार की सबसे बड़ी वजह बताया।
उन्होंने कहा, “मध्य ओवरों में 20 रन के भीतर पांच विकेट गंवाना बिल्कुल भी आदर्श स्थिति नहीं थी। हमारे खिलाड़ियों ने गेंदबाजी में वापसी की कोशिश की, लेकिन 20 रन के भीतर पांच विकेट खोने के बाद वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया। हम बल्लेबाजी में थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।”
ब्रूक ने आगे कहा, “जो रूट और लियम डॉसन के बीच हुई साझेदारी हमारे लिए बेहद अहम रही। हमें लगा कि पिच धीरे-धीरे धीमी होती जा रही थी। पारी के ब्रेक में हमें विश्वास था कि अगर विकेट ऐसा ही रहा, तो हमारा स्कोर जीत के लिए पर्याप्त साबित हो सकता है।”








