
पीटीआई के अनुसार, भारत के पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता सबा करीम ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मिली ऐतिहासिक हार के बाद टीम मैनेजमेंट की भूमिका की समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
भारत को लगातार दो टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से सीरीज हार गई और उसके बाद इंग्लैंड ने उसे 4-0 से क्लीन स्वीप कर दिया।
सबा करीम ने कहा, “इतनी खराब सीरीज के बाद, जहां टीम को बड़े अंतर से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा, कोई भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। इसमें सिर्फ मुख्य कोच गौतम गंभीर और सपोर्ट स्टाफ ही नहीं, बल्कि कप्तान श्रेयस अय्यर और उपकप्तान तिलक वर्मा भी शामिल हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि विदेश दौरे पर यही लोग टीम का थिंक-टैंक होते हैं। इसलिए बीसीसीआई को इस पूरी नाकामी में उनकी भूमिका और जिम्मेदारी की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए।”
हालांकि, पूर्व चयनकर्ता ने हाल ही में कप्तान बनाए गए श्रेयस अय्यर का समर्थन करते हुए कहा कि चयनकर्ताओं को उन पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि जब आपने श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी को कप्तान बनाया है, तो आपको उन्हें पूरा समर्थन देना चाहिए और उन पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।”
करीम ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि अय्यर अपनी नेतृत्व क्षमता को पूरी मजबूती से सामने लाएं।
“अब श्रेयस अय्यर को अपनी रणनीति, उपलब्ध संसाधनों और टीम के लिए अपनी सोच को स्पष्ट रूप से लागू करना होगा। टीम को आगे बढ़ाने और सही संसाधनों का उपयोग करने की जिम्मेदारी अब उन्हीं की है।”
सबा करीम का मानना है कि बीसीसीआई के पास कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ में बदलाव जैसे कठिन फैसले लेने का भी अधिकार है।
उन्होंने कहा, “इसी वजह से बीसीसीआई ने एक बैठक बुलाई है, जिसमें जिम्मेदारी संभालने वाले सभी लोगों को बुलाया जाएगा और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।”
करीम ने खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक और सुरक्षित माहौल बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि टीम में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां खिलाड़ी खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें और बिना किसी डर के मैदान पर उतरें। टी20 क्रिकेट में इसी तरह के निडर खेल की जरूरत होती है। यह सीरीज सिर्फ खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि चयन समिति के लिए भी सीखने का मौका है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि भारत को पहले आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ इतनी बड़ी हार झेलनी पड़ी।”
जब उनसे पूछा गया कि खिलाड़ियों को प्रेरित करने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने में कोच की क्या भूमिका होती है, तो करीम ने जवाब दिया,
“यही तो एक कोच से अपेक्षा की जाती है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पाया, तो यही वजह है कि बीसीसीआई को यह पता लगाना चाहिए कि आखिर गलती कहां हुई।”
उन्होंने आगे कहा, “इसीलिए ऐसी बैठक और चर्चा जरूरी है। जब तक हार के कारणों की पहचान नहीं होगी और उन मुद्दों का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक आगे बढ़कर सकारात्मक कदम उठाना संभव नहीं है।”
अंत में करीम ने कहा, “मेरा मानना है कि टीम को अब बेहतर बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। इसके लिए गहराई से विश्लेषण करना होगा, आत्ममंथन करना होगा और सभी समस्याओं तथा चिंताओं का समाधान निकालना होगा। तभी भारतीय टीम भविष्य में सही मायनों में सकारात्मक कदम आगे बढ़ा सकेगी।”








