CWG 2026: ग्लासगो में नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की टक्कर, किसके सामने होगी सबसे बड़ी चुनौती?

भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा अपने दूसरे राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) में हिस्सा लेने से पहले स्विट्जरलैंड में ट्रेनिंग कैंप में जमकर तैयारी कर रहे हैं। वह स्विट्जरलैंड के बीएनए (बील) में चल रहे अपने ट्रेनिंग कैंप से सीधे ग्लासगो रवाना होंगे, जहां 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत होगी।

नीरज ने 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन चोट के कारण वह 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। जून में दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहने के बाद अब वह इस साल के अपने दूसरे बड़े टूर्नामेंट में उतरेंगे।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का क्वालिफिकेशन राउंड 30 जुलाई को होगा, जबकि फाइनल मुकाबला अगले दिन आयोजित किया जाएगा।

दूसरी ओर, पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम ने स्वीकार किया है कि मौजूदा चैंपियन होने के कारण इस बार उन पर अतिरिक्त दबाव रहेगा।

अरशद नदीम कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान टीम की अगुआई करेंगे और एक बार फिर उनकी नीरज चोपड़ा के साथ बहुचर्चित प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी।

पीटीआई से बातचीत में नदीम ने कहा, “इस बार मुझ पर ज्यादा दबाव है क्योंकि मैं मौजूदा चैंपियन हूं, लेकिन मैंने अच्छी तैयारी की है।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रतियोगिता में वापसी करना अच्छा लग रहा है और मैं ग्लासगो में अपने कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव करना चाहता हूं।”

नदीम ने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज की गैरमौजूदगी में 90.18 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि इतने मजबूत प्रतिस्पर्धी मैदान में दोबारा खिताब जीतने के लिए मुझे क्या करना होगा।”

नीरज चोपड़ा के खिलाफ अरशद नदीम की सबसे बड़ी जीत 2024 पेरिस ओलंपिक में आई थी, जहां उन्होंने 92.97 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता था।

पिछले कुछ वर्षों में नीरज और नदीम कई बार आमने-सामने आ चुके हैं, लेकिन उनकी सबसे हालिया भिड़ंत 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (टोक्यो) में दोनों के लिए निराशाजनक रही।

चोटों से जूझ रहे दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रशंसकों को निराश किया था। उस प्रतियोगिता में नीरज आठवें और अरशद दसवें स्थान पर रहे थे।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।