आईसीसी महिला क्रिकेटरों के लिए सोशल मीडिया को सुरक्षित बनाने के लिए AI का कैसे कर रहा है इस्तेमाल!

मौजूदा महिला टी20 विश्व कप के दौरान AI आधारित मॉडरेशन प्लेटफॉर्म Freedom2hear के साथ मिलकर आईसीसी ने सोशल मीडिया पर लगभग 60,000 हानिकारक पोस्ट और कमेंट्स हटाए हैं। इसके साथ ही 100 से अधिक महिला क्रिकेटर आईसीसी के Player Protection Programme से जुड़ चुकी हैं, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रोल्स और ऑनलाइन दुर्व्यवहार से खिलाड़ियों की सुरक्षा करना है।

आईसीसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, टूर्नामेंट की शुरुआत में ही 50 से अधिक नए खिलाड़ियों ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया।

बयान में कहा गया, “यह सेवा आईसीसी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है। महिला टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा ले रही 12 में से सात टीमों के खिलाड़ी इस सुरक्षा कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इसके अलावा अंपायर और ब्रॉडकास्टर्स भी इसमें शामिल हैं।”

टी20 विश्व कप के पहले सप्ताह के दौरान इस AI टूल ने करीब 2.5 लाख कमेंट्स की जांच की और उनमें से लगभग 60,000 आपत्तिजनक कंटेंट हटा दिए।

आईसीसी ने बताया कि 2,000 से अधिक बार-बार गलत व्यवहार करने वाले यूजर्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया, जबकि 370 यूजर्स को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया।

भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती टॉक्सिसिटी को देखते हुए इस कार्यक्रम से जुड़ने का फैसला किया।

राधा ने कहा, “सोशल मीडिया मेरे लिए दोस्तों, परिवार और दुनिया भर के फैंस से जुड़ने का शानदार माध्यम है, लेकिन यह खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए लगातार जहरीली जगह बनती जा रही है। इस बारे में खुलकर बात करना और समाधान ढूंढना जरूरी है। यही वजह है कि मैंने आईसीसी प्लेयर प्रोटेक्शन प्रोग्राम जॉइन किया।”

इंग्लैंड की विकेटकीपर-बल्लेबाज एमी जोन्स भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल ने सोशल मीडिया पर मिलने वाले दुर्व्यवहार से निपटने में उनकी काफी मदद की है।

उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते हमें दुर्भाग्य से ऐसी चीजों का सामना करना पड़ता है। जब आप सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हों, तब इस तरह का दुर्व्यवहार मानसिक रूप से प्रभावित कर सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे ज्यादातर फैंस के साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते हैं और हमें उनसे मैदान पर और सोशल मीडिया पर जुड़ना पसंद है। लेकिन कुछ लोग आपको निशाना बनाते हैं। ऐसे में आईसीसी का इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराना शानदार कदम है। यह कार्यक्रम खिलाड़ियों की मानसिक भलाई को सबसे ऊपर रखता है और यह बेहद अच्छी बात है।”

यह पहल पहली बार 2024 महिला टी20 विश्व कप से पहले शुरू की गई थी और आईसीसी की खिलाड़ियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा है। तब से इस तकनीक का इस्तेमाल हर आईसीसी टूर्नामेंट में किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी सुरक्षित माहौल में प्रशंसकों से जुड़ सकें और ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट से बच सकें।

स्कॉटलैंड की खिलाड़ी सारा ब्राइस, जिन्होंने 2024 में इस कार्यक्रम से जुड़ाव किया था, ने कहा कि इससे उनके अनुभव में बहुत बड़ा बदलाव आया है।

उन्होंने कहा, “यह जानकर काफी सुकून मिलता है कि ऐसी सुरक्षा मौजूद है, क्योंकि खासकर युवा खिलाड़ी सोशल मीडिया का काफी इस्तेमाल करते हैं।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।