
शुक्रवार को बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में आयरलैंड ने इतिहास रचते हुए भारत को 34 रन से हरा दिया। यह किसी भी प्रारूप में भारत के खिलाफ आयरलैंड की पहली जीत है। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने दो मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
पहले बल्लेबाजी करते हुए गैरेथ डेलानी ने 32 गेंदों में 49 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें तीन छक्के और तीन चौके शामिल रहे। वहीं कप्तान लॉर्कन टकर ने 36 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल थे। उनकी बदौलत आयरलैंड ने 9 विकेट पर 182 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने बेहद लापरवाह प्रदर्शन किया और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। पूरी टीम 148 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा।
183 रन का लक्ष्य ऐसी पिच पर असंभव नहीं था, जहां तेज गेंदबाजों को अच्छी मदद मिल रही थी। लेकिन पावरप्ले के बाद भारतीय बल्लेबाजों को अधिक समझदारी से बल्लेबाजी करने की जरूरत थी, जो वे नहीं कर सके।
इससे पहले भारत की ओर से तेज गेंदबाज हर्षित राणा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट लेकर 24 रन दिए। वहीं अक्षर पटेल (2/33) और अर्शदीप सिंह (2/28) ने भी दो-दो विकेट झटके।
हालांकि वैभव सूर्यवंशी का बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू नहीं हो सका, लेकिन स्टॉर्मोंट ग्राउंड पर मौजूद दर्शकों के लिए जश्न मनाने की काफी वजहें थीं।
भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। आयरलैंड के कप्तान लॉर्कन टकर ने अकेले दम पर संघर्ष करते हुए अर्धशतक लगाया, लेकिन बाकी बल्लेबाज लगातार दबाव में रहे।
इन परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाजों ने गेंद को ज्यादा फुल रखने के बजाय बैक ऑफ लेंथ पर गेंदबाजी की, जिसका उन्हें भरपूर फायदा मिला।
आयरलैंड पावरप्ले के पहले छह ओवरों में सिर्फ 36 रन ही बना सका और टीम 30 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी। टिम टेक्टर, हैरी टेक्टर और रॉस अडायर के अहम विकेट जल्दी गिर गए।
टिम टेक्टर और रॉस अडायर पुल शॉट खेलने की कोशिश में क्रमशः श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन को कैच दे बैठे। दोनों विकेट हर्षित राणा ने हासिल किए। चार महीने बाद चोट से वापसी कर रहे राणा ने अपने पहले ही मैच में शानदार ऊर्जा दिखाई।
इसके बाद अर्शदीप सिंह की फुल लेंथ गेंद पर हैरी टेक्टर ड्राइव खेलने के प्रयास में संजू सैमसन को आसान कैच दे बैठे।
बेन कैलिट्ज़, जिन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा के एक ओवर में दो छक्के लगाए थे, उन्हें शिवम दुबे ने आउट किया। उन्होंने भी छोटी लेंथ की गेंद का अच्छा इस्तेमाल किया।
51 रन पर चार विकेट गिरने के बाद लॉर्कन टकर ने जॉर्ज डॉकरेल के साथ पांचवें विकेट के लिए 64 रन जोड़कर आयरलैंड की पारी संभाली।
टकर ने शुरुआत धीमी की, लेकिन बाद में आक्रामक अंदाज अपनाया। 13वें ओवर में उन्होंने अक्षर पटेल के खिलाफ लगातार 4, 4 और 6 जड़ते हुए सिर्फ 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ एक शानदार स्कूप शॉट से भी चौका लगाया। हालांकि बाद में हर्षित राणा की गति में बदलाव वाली छोटी गेंद पर वह डीप में तिलक वर्मा को कैच दे बैठे।
उस समय आयरलैंड का स्कोर 115/5 था। लेकिन इसके बाद 14.3 से 17.1 ओवर के बीच गैरेथ डेलानी और जॉर्ज डॉकरेल ने 49 रन जोड़कर टीम का स्कोर 150 के पार पहुंचा दिया।
प्रसिद्ध कृष्णा के अंतिम ओवर में लेंथ बिगड़ने का डेलानी ने पूरा फायदा उठाया। 16वें ओवर में उन्होंने उनके खिलाफ 4, 6, 6 और 6 जड़कर कुल 27 रन बटोरे।
हालांकि डेलानी अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके। 49 रन पर उन्होंने अर्शदीप सिंह की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बाउंड्री के पास तिलक वर्मा ने उनका कैच लपक लिया।








