
विश्व कप के सह-मेजबान अमेरिका को गुरुवार को तुर्की के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अमेरिका के कोच मॉरिसियो पोचेटिनो का मानना है कि इस हार से उनकी टीम की विश्व कप अभियान की लय पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अमेरिका पहले ही ग्रुप D में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका था और लॉस एंजेलिस में खेले गए इस मुकाबले में लगातार तीसरी जीत दर्ज करना चाहता था। हालांकि, टीम का ध्यान राउंड ऑफ 32 में बुधवार को होने वाले बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ मुकाबले पर भी था।
वहीं, तुर्की पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था। ऑस्ट्रेलिया और पराग्वे से करारी हार के बाद टीम अब तक एक भी गोल नहीं कर पाई थी, इसलिए इस मैच में उसकी सबसे बड़ी कोशिश सम्मान बचाने की थी।
अमेरिका ने शुरुआती बढ़त हासिल की, फिर तुर्की ने दो गोल कर मैच पलट दिया। इसके बाद अमेरिका ने बराबरी कर ली, लेकिन इंजरी टाइम में कान आयहान के गोल ने तुर्की को 3-2 की यादगार जीत दिला दी।
मैच के बाद पोचेटिनो ने कहा, “हमारी कुछ और प्राथमिकताएं थीं। हम जीतना चाहते थे, लेकिन कई चीजों का संतुलन भी जरूरी था और मैंने उसी हिसाब से सबसे बेहतर फैसले लिए।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आप ग्रुप के तीनों मैच जीत जाएं, लेकिन अगला मुकाबला हार जाएं और विश्व कप न जीत पाएं, तो उन तीन जीतों का क्या मतलब रह जाता है?”
अमेरिका ने लगातार तीसरे मैच में शानदार शुरुआत की। मुकाबले के तीन मिनट भी पूरे नहीं हुए थे कि डिफेंडर ऑस्टन ट्रस्टी ने कॉर्नर पर बिना किसी दबाव के गोल कर दिया। यह विश्व कप में अमेरिका का दूसरा सबसे तेज गोल था और ट्रस्टी का देश के लिए पहला गोल भी।
लेकिन तुर्की ने हार नहीं मानी। पहले दो मैचों में 62 प्रयासों के बावजूद गोल नहीं कर पाने वाली टीम को आखिरकार सफलता मिली। आर्दा गुलर ने शानदार चकमा देकर मार्क मैकेंज़ी को पीछे छोड़ा और गेंद बारिस अल्पर यिलमाज़ तक पहुंची।
10वें मिनट में यिलमाज़ ने गेंद वापस गुलर को दी, जिन्होंने जोरदार शॉट लगाकर गोलकीपर मैट टर्नर को छकाते हुए स्कोर 1-1 कर दिया।
गोल के बाद मैदान पर तनाव भी देखने को मिला। तुर्की की बेंच कथित फाउल के विरोध में मैदान पर आ गई। अमेरिकी खिलाड़ी सेबेस्टियन बेरहॉल्टर को इस दौरान पीला कार्ड भी दिखाया गया। स्टेडियम में मौजूद हॉलीवुड सितारे ब्रैड पिट और एडवर्ड नॉर्टन भी इस रोमांचक मुकाबले के गवाह बने।
इसके बाद मैकेंज़ी ने एक और गोल किया, लेकिन ऑफसाइड के कारण उसे रद्द कर दिया गया।
31वें मिनट में तुर्की ने पहली बार बढ़त बनाई। एरेन एलमाली के शानदार मूव के बाद गुलर ने गेंद उन्हें दी। एलमाली ने बाएं छोर से शानदार पास निकाला, जिसे यिलमाज़ ने गोल में बदलकर स्कोर 2-1 कर दिया।
हाफ टाइम के बाद अमेरिका ने जोरदार वापसी की। 49वें मिनट में मैकेंज़ी के लंबे थ्रो के बाद गेंद बेरहॉल्टर के पास पहुंची और उन्होंने शानदार लो शॉट लगाकर स्कोर 2-2 कर दिया।
लगभग एक घंटे के खेल के बाद पोचेटिनो ने टीम के सबसे बड़े स्टार क्रिश्चियन पुलिसिक को मैदान पर उतारा। चोट से वापसी कर रहे पुलिसिक के मैदान में आते ही स्टेडियम में “USA” के नारे गूंजने लगे।
पुलिसिक ने आते ही कई अच्छे मूव बनाए और दो बार करीब से गोल करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। एक बार उनकी गेंद पोस्ट से भी टकराई।
मैच के अंतिम मिनटों में तुर्की ने फिर दबाव बनाया और इंजरी टाइम में कान आयहान ने करीब से गोल कर अमेरिका की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
फाइनल व्हिसल के बाद तुर्की के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे, जबकि अमेरिकी खिलाड़ी मैदान पर एक घेरे में खड़े होकर खुद को अगले मुकाबले के लिए मानसिक रूप से तैयार करते नजर आए।
पोचेटिनो ने कहा, “अगर हम यह मैच जीत भी जाते, तो क्या इससे मेरा मूड या हमारी लय बदल जाती? नहीं। इस मैच को जीतना या हारना हमारे अभियान को नहीं बदलने वाला है।”








