
गुजरात टाइटंस ने मैदान पर बड़ी गलतियां कीं जब उन्होंने फिन एलेन के दो आसान कैच छोड़ दिए, और कोलकाता नाइट राइडर्स के विस्फोटक ओपनर ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए शनिवार को आईपीएल मुकाबले में सिर्फ 35 गेंदों पर 93 रन ठोक दिए। एलेन को जीटी फील्डरों ने 14 और 33 रन पर जीवनदान दिया था।
अपनी तूफानी पारी में एलेन ने 10 छक्के और चार चौके लगाए। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास में एक ही सीजन में दो बार 10 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए।
आईपीएल 2026 में अब तक एलेन ने सिर्फ नौ मैचों में 27 छक्के जड़ दिए हैं। यह किसी भी केकेआर खिलाड़ी द्वारा अपने डेब्यू सीजन में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं। उन्होंने फिल सॉल्ट का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2024 में 24 छक्के लगाए थे।
अब एलेन आईपीएल डेब्यू सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड से सिर्फ पांच छक्के दूर हैं। यह रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के दिग्गज सनथ जयसूर्या के नाम है, जिन्होंने 2008 में 31 छक्के लगाए थे।
जहां एलेन ने शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों की जमकर धुनाई की, वहीं अंगकृष रघुवंशी 82 रन बनाकर नाबाद लौटे और कैमरून ग्रीन ने भी 52 रन की नाबाद पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए सिर्फ 53 गेंदों में 108 रन जोड़े।
गुजरात टाइटंस के लिए यह दिन फील्डिंग के लिहाज से बेहद खराब रहा। टीम ने कुल चार कैच छोड़े और एलेन, रघुवंशी व ग्रीन तीनों ने उन मौकों का फायदा उठाकर बड़ी पारियां खेलीं।
रघुवंशी को 52 रन पर जीवनदान मिला जब वॉशिंगटन सुंदर ने उनका कैच छोड़ दिया, जबकि राशिद खान की गेंद पर अरशद खान ने 23 रन पर ग्रीन का कैच टपका दिया।
मैच के बाद एलेन ने अंगकृष रघुवंशी को “स्टारबॉय” बताते हुए उनकी जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “स्टारबॉय। वह कमाल के खिलाड़ी हैं और लगातार अपने खेल को बेहतर बना रहे हैं। उनका बेस बहुत मजबूत है और वह अविश्वसनीय शॉट खेल सकते हैं। इतनी कम उम्र में टीम का उन पर इतना भरोसा होना ही दिखाता है कि वह कितने खास खिलाड़ी हैं। फ्रेंचाइज़ी के लिए यह बेहद रोमांचक है कि इतना युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, और भारतीय क्रिकेट के लिए भी यह शानदार बात है। मैं उनकी जितनी तारीफ करूं कम है, वह बहुत अच्छे बच्चे हैं।”
प्लेऑफ की संभावनाओं पर बात करते हुए एलेन ने कहा कि टीम का फोकस आखिरी दो मुकाबलों की तैयारी पर है।
उन्होंने कहा, “इस सीजन हमने सबसे अच्छी चीज यही की है कि हम शांत और संयमित रहे हैं। खराब शुरुआत के बावजूद ड्रेसिंग रूम का माहौल शांत रहा और इसका श्रेय सपोर्ट स्टाफ और जिंक्स (अजिंक्य रहाणे) को जाता है, जिन्होंने यह सोच पूरी टीम में बनाए रखी। हमने पूरे टूर्नामेंट में हर मैच को अलग तरीके से लिया है। हमें पता है कि क्वालिफाई करने के लिए आखिरी दो मैच जीतना जरूरी है, इसलिए हमारा पूरा ध्यान अच्छी तैयारी, कड़ी ट्रेनिंग और अपना काम सही तरीके से करने पर है।”








