
एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आईपीएल 2026 टिकटों की कालाबाजारी में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के एक बड़े अधिकारी की कथित संलिप्तता सामने आई है। आरोप है कि 1,000 से अधिक कॉम्प्लिमेंट्री टिकट बेचे गए, जिनमें कुछ टिकटों की कीमत 80,000 रुपये से भी ज्यादा वसूली गई।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान डीडीसीए के एक अधिकारी की भूमिका भी सामने आई। यह जांच तब शुरू हुई जब दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच के टिकट बेहद ऊंची कीमतों पर बिकते पाए गए।
पुलिस ने मैच के कॉम्प्लिमेंट्री पास बेचने की कोशिश कर रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान एक पेट्रोल पंप कर्मचारी की संलिप्तता का भी खुलासा हुआ, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के करीबी एक सूत्र ने बताया कि इस ब्लैक टिकट रैकेट को डीडीसीए का एक अधिकारी चला रहा था। गुरुवार को दो वरिष्ठ अधिकारियों समेत डीडीसीए के चार अधिकारियों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई।
सूत्र ने कथित तौर पर कहा, “यह बहुत संगठित रैकेट था, जिसके शीर्ष पर डीडीसीए का एक अधिकारी था। मैच और खिलाड़ियों की स्टार वैल्यू के हिसाब से टिकटों की कीमत तय की जाती थी। मैच शुरू होने के करीब आते ही दाम और बढ़ा दिए जाते थे।”
सूत्र ने आगे कहा, “रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच से पहले, जहां विराट कोहली सबसे बड़ा आकर्षण थे, एक टिकट के लिए कम से कम 80,000 रुपये वसूले गए। हमें यह भी पता चला कि मैच और मांग के हिसाब से टिकटों की कीमत 8,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये तक थी।”
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ब्लैक टिकट नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जहां हर मैच में 1,000 से अधिक टिकट कथित तौर पर जरूरतमंद प्रशंसकों को कई गुना अधिक कीमत पर बेचे जा रहे थे।
मौजूदा बीसीसीआई नियमों के अनुसार, स्थानीय आईपीएल फ्रेंचाइज़ी — इस मामले में दिल्ली कैपिटल्स — हर मैच के कुल टिकटों का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा मेज़बान संघ, यानी डीडीसीए, को कॉम्प्लिमेंट्री पास के रूप में देती है।








