IPL 2026: मिशेल स्टार्क दिल्ली कैपिटल्स के लिए क्यों खास हैं?

दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच हेमंग बदानी ने रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिली जीत के बाद अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज़ मिशेल स्टार्क की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्टार्क युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल हैं।

दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को हराकर प्लेऑफ की उम्मीदें ज़िंदा रखी हैं। टीम अब 12 अंकों के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए दिल्ली को 24 मई को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच जीतना होगा।

हेमंग बदानी ने कहा कि स्टार्क की प्रोफेशनल सोच, तैयारी और मेहनत उन्हें खास बनाती है। राजस्थान के बल्लेबाज़ों की तेज शुरुआत के बाद स्टार्क ने चार विकेट लेकर मैच पलट दिया। उनके एक ओवर में तीन विकेट ने दिल्ली की जीत तय कर दी।

बदानी ने कहा, “वह खेल के सबसे बेहतरीन रोल मॉडल्स में से एक हैं। उनकी मेहनत, मैच से पहले की तैयारी, उसकी योजनाएं और ट्रेनिंग का स्तर बहुत ऊंचा है। कई युवा खिलाड़ियों में भी मैं ऐसी तैयारी नहीं देखता। यही वजह है कि वह इतने सालों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।”

कोच ने यह भी बताया कि स्टार्क युवा गेंदबाज़ों को लगातार सीख देते रहते हैं।

उन्होंने कहा, “वह हमेशा युवाओं से बात करते रहते हैं। रिवर्स स्विंग कैसे करनी है, सही लेंथ कैसे पकड़नी है, बल्लेबाज़ अगर आक्रामक खेल रहा हो तो क्या करना चाहिए — इन सब पर वह लगातार चर्चा करते हैं। स्टार्क टीम में बहुत अनुभव लेकर आते हैं।”

बदानी ने बताया कि स्टार्क को टीम में इसलिए शामिल किया गया क्योंकि वह पारी के हर चरण में असर डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा, “वह दबाव पसंद करने वाले खिलाड़ी हैं। लंबा स्पेल फेंक सकते हैं और तीनों फेज़ में गेंदबाज़ी कर सकते हैं। जरूरत पड़े तो पावरप्ले में भी गेंदबाज़ी कर सकते हैं। हाल की एशेज सीरीज़ में उन्होंने अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई थी।”

बदानी ने टीम में हाल में किए गए बदलावों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कुछ सीनियर खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, इसलिए मैनेजमेंट ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया।

उन्होंने कहा, “हमें लगा कि टीम को नई सोच और नई ऊर्जा की जरूरत है। कुछ सीनियर खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, इसलिए हमने युवा खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला किया।”

दिल्ली की घरेलू पिचों को लेकर भी बदानी ने निराशा जताई।

उन्होंने कहा, “हमने अब पिच के बारे में बात करना बंद कर दिया है। हर मैच में यहां अलग तरह की पिच मिली। यह हमारी खेल शैली के मुताबिक नहीं रही। लेकिन अब हम इसे स्वीकार करके आगे बढ़ रहे हैं।”

विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने नाराज़गी जाहिर की।

उन्होंने कहा, “हर कोच चाहता है कि उसके खिलाड़ी शुरुआत से उपलब्ध रहें। लेकिन जब क्रिकेट बोर्ड कोई फैसला लेते हैं तो फ्रेंचाइज़ी ज्यादा कुछ नहीं कर सकती। अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी को रिलीज़ नहीं करता, जैसा हेज़लवुड और पैट कमिंस के मामले में हुआ, तो हम मजबूर हो जाते हैं। उम्मीद है भविष्य में इसका कोई हल निकलेगा।”

बदानी ने माना कि इस सीज़न में दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या एक स्थिर ओपनिंग जोड़ी ढूंढना रही।

उन्होंने कहा, “इसीलिए हमने कई अलग-अलग विकल्प आजमाए। अब जब अभिषेक पोरेल ने 100 रन की साझेदारी कर दी है तो लग सकता है कि हमें पहले ही ऐसा करना चाहिए था। लेकिन बाद में सब आसान लगता है।”