
दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच हेमंग बदानी को मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ घरेलू हार के बाद पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा। पिच पर स्पिनरों के लिए टर्न और ग्रिप मौजूद थी, लेकिन DC के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव इसका फायदा नहीं उठा सके।
कुलदीप ने तीन ओवर में 34 रन दिए और एक भी विकेट नहीं लिया। इस सीजन उनके खराब प्रदर्शन पर बात करते हुए बदानी ने कहा कि यह सिर्फ फॉर्म हासिल करने और भरोसा बनाए रखने की बात है।
उन्होंने कहा, “हम निश्चित तौर पर चाहते हैं कि कुलदीप इससे बेहतर प्रदर्शन करें, लेकिन हम उनके साथ खड़े रहेंगे क्योंकि वह कई वर्षों से इस टीम का हिस्सा हैं। मुझे लगता है कि बात सिर्फ फॉर्म हासिल करने की है। वह अभी अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं हैं और न ही उस गति से गेंदबाजी कर रहे हैं, जिस गति से आमतौर पर करते हैं। यह समय की बात है और हमें उन पर पूरा भरोसा है।”
पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी बुरी तरह बिखर गई और टीम सिर्फ 155/7 का स्कोर बना सकी। जब बदानी से पूछा गया कि क्या मुश्किल पिच पर पहले बल्लेबाजी का फैसला गलत साबित हुआ, तो उन्होंने कहा कि पिच तैयार करने में फ्रेंचाइजी का कोई नियंत्रण नहीं होता।
उन्होंने कहा, “पिच पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। किसी टीम के लिए पहले 20 ओवर फील्डिंग करना और फिर दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते समय पिच को समझना आसान हो जाता है, और यही हुआ। मुझे लगता है कि मैच पहले 10 ओवर में ही हाथ से निकल गया, जब हम पर्याप्त रन नहीं बना सके। हम लगभग 70/5 थे और किसी भी कठिन पिच पर आप ऐसी स्थिति में नहीं होना चाहते। दिल्ली में, जो हमारा घरेलू मैदान है, वहां हमें हर मैच में अलग तरह की पिच मिल रही है। एक मैच में 265 रन बने थे, लेकिन पिच पर किसी टीम का ज्यादा नियंत्रण नहीं होता।”
जहां इस सीजन कुलदीप यादव गेंद से संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल भी खासकर बल्लेबाजी में खराब दौर से गुजर रहे हैं। CSK के खिलाफ एक और खराब प्रदर्शन के बाद कोच ने अपने कप्तान का बचाव किया।
बदानी ने कहा, “कोई भी टीम 50/5 या 60/5 की स्थिति में नहीं होना चाहती। अगर हम वहां पहुंचते हैं तो हमारे पास अतिरिक्त बल्लेबाज लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता। अक्षर की बात करें तो वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सबसे ऊंचे स्तर पर क्रिकेट खेली है और दो वर्ल्ड कप जीते हैं। आपको ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना पड़ता है। मैं सिर्फ अक्षर को जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगा, क्योंकि यह किसी एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि पूरी टीम की बात है। एक टीम के तौर पर हमें बेहतर क्रिकेट खेलनी होगी।”








