
चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि यह काफी हैरान करने वाली बात है कि ऋषभ पंत जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ आईपीएल में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं जैसा वह टेस्ट क्रिकेट में करते आए हैं। पुजारा के मुताबिक, टी20 क्रिकेट में पंत का रिकॉर्ड उनकी क्षमता के मुकाबले औसत रहा है।
पंत भले ही रेड-बॉल क्रिकेट में भारत के नंबर एक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ बने हुए हों, लेकिन व्हाइट-बॉल क्रिकेट में वह पिछड़ गए हैं। 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद वह अब भारतीय टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं और वनडे में भी केएल राहुल के बाद दूसरे विकल्प बने हुए हैं।
पंत ने 134 आईपीएल मैचों में 146 के स्ट्राइक रेट से 3757 रन बनाए हैं, जो टॉप-4 बल्लेबाज़ के हिसाब से औसत माने जा रहे हैं। उन्होंने IPL में 2 शतक और 20 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 49 मैचों में 3476 रन बनाए हैं, जिसमें 8 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में भी उन्होंने शतक जड़े हैं।
जियोहॉटस्टार के एक्सपर्ट पुजारा ने PTI से बातचीत में कहा, “मैं भी बहुत हैरान हूं क्योंकि ऋषभ पंत ऐसा बल्लेबाज़ है जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज़ पर हमला कर सकता है, लेकिन IPL में जब हम उसके आंकड़े देखते हैं तो वे उतने अच्छे नहीं लगते।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि यह काफी हद तक मानसिकता की बात है। ऋषभ के खेलने के तरीके में और स्पष्टता होनी चाहिए। वह ऐसा खिलाड़ी है जो तीनों फॉर्मेट खेल सकता है, इसलिए उसका टी20 रिकॉर्ड इससे कहीं बेहतर होना चाहिए।”
पुजारा के अनुसार, IPL में पंत की बल्लेबाज़ी को लेकर कुछ स्पष्टता की जरूरत है। इस सीजन की शुरुआत में पंत टॉप ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करना चाहते थे, लेकिन खराब प्रदर्शन के बाद वह फिर मिडिल ऑर्डर में लौट आए।
उन्होंने कहा, “तकनीकी रूप से मुझे ऋषभ की बल्लेबाज़ी में ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं दिखती। यह सिर्फ मानसिकता और सोच की स्पष्टता की बात है। टेस्ट क्रिकेट में उसे पता होता है कि उसकी ताकत क्या है और फील्ड सेट होने के बावजूद वह सही गैप ढूंढ लेता है।”
पुजारा का मानना है कि टी20 में पंत का खेल ज्यादा लेग साइड पर निर्भर हो गया है और उन्हें ऑफ साइड में भी अपने शॉट्स पर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “टी20 फॉर्मेट में वह लेग साइड पर ज्यादा हावी दिखते हैं। अगर वह ऑफ साइड पर भी अपने खेल को बेहतर करेंगे तो और सफल हो सकते हैं।”
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या को लेकर पुजारा ने कहा कि उन्हें यह समझना होगा कि कप्तानी का दबाव उनके प्रदर्शन पर असर डाल रहा है या नहीं। हालांकि, पंत के मामले में कप्तानी उनके खेल में मददगार नहीं रही है।
उन्होंने कहा, “इस सवाल का जवाब वही दे सकते हैं। लेकिन कई बार कप्तानी असर डालती है। खासकर ऋषभ पंत के मामले में, अगर वह अपने खेल पर ज्यादा ध्यान दें तो यह उनके लिए बेहतर होगा क्योंकि कप्तानी उनसे अभी तक ज्यादा मदद नहीं कर पाई है।”
पुजारा ने आगे कहा, “यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत फैसला है कि वह कप्तानी जारी रखना चाहते हैं या फ्रेंचाइज़ी किसी और को कप्तान बनाए। अगर खिलाड़ी के तौर पर खेलने से उनका प्रदर्शन बेहतर होता है, तो शायद उन्हें वही करना चाहिए।”
हालांकि, पुजारा ने भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन का बचाव भी किया और कहा कि IPL में लगातार प्रदर्शन को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है।
उन्होंने कहा, “टी20 क्रिकेट में लगातार रन बनाना जरूरत से ज्यादा महत्व पा चुका है। मैं यह नहीं कह रहा कि सूर्यकुमार का प्रदर्शन शानदार रहा है, उसमें सुधार की जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन टी20 में आपका रोल टीम के लिए ज्यादा अहम होता है। अगर आप 8 गेंदों में 20 रन बनाकर मैच का रुख बदल देते हैं, तो वह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”
“कई बार हमारी उम्मीद होती है कि खिलाड़ी 40-50 या 60 रन बनाए, लेकिन असल में टीम पर उसका असर ज्यादा मायने रखता है, सिर्फ रन नहीं।”








