एशेज़: एमसीजी में बॉक्सिंग डे टेस्ट के रोमांचक अंत के बाद इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में 15 साल का हार का सिलसिला तोड़ा!

शनिवार को चार विकेट से साहसिक जीत दर्ज करते हुए इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलियाई ज़मीन पर 15 साल में अपनी पहली टेस्ट जीत हासिल की। इस जीत के साथ उन्होंने अपनी बिखरी हुई प्रतिष्ठा को दोबारा पाया और दो दिनों में खत्म हुए चौथे एशेज़ टेस्ट को अपने नाम किया।

पहले दिन गिरे 20 विकेटों के बाद, उत्साह से भरे इंग्लिश गेंदबाज़ों ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में 92,045 दर्शकों के सामने लंच के तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 132 पर समेट दिया।

इसके बाद इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रन बनाने थे। अपने जोशीले “बार्मी आर्मी” समर्थकों के ज़ोरदार शोर के बीच, हैरी ब्रूक (नाबाद 18) और जेमी स्मिथ (3) ने छह विकेट खोकर टीम को जीत दिला दी। ज़ैक क्रॉली ने 37 रन बनाए, जबकि जैकब बेथेल ने 40 रनों का योगदान दिया।

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा, “यह बहुत अच्छा एहसास है, अब तक का दौरा काफ़ी मुश्किल रहा है। टेस्ट से पहले काफी कुछ हमारे खिलाफ था, लेकिन इन सबके बावजूद प्रदर्शन कर एक बेहद मज़बूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराना गर्व की बात है। खिलाड़ियों, स्टाफ और मैनेजमेंट ने क्रिकेट पर पूरा फोकस बनाए रखा। हमें अपनी बहादुरी पर गर्व है।”

खराब तैयारियों और सीरीज़ के बीच बीच ब्रेक के दौरान ज़्यादा शराब पीने के आरोपों के चलते इंग्लैंड भारी दबाव में मेलबर्न पहुँचा था, क्योंकि वे शुरुआती तीन टेस्ट हार चुके थे। लेकिन इस मैच में उन्होंने दमदार वापसी की और अब सिडनी में होने वाले पांचवें व अंतिम टेस्ट के लिए उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है।

ओपनर्स ज़ैक क्रॉली और बेन डकेट ने जनवरी 2011 से ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की 16 टेस्ट की हार और ड्रॉ की श्रृंखला को खत्म करने के इरादे से बेहद आक्रामक “बेसबॉल” अंदाज़ में शुरुआत की।

क्रॉली ने माइकल नेसर को लगातार गेंदों पर छक्का और चौका जड़ा, जबकि डकेट ने मिशेल स्टार्क की पहली ही ओवर में बाउंड्री लगाई। दोनों ने तेज़ 50 रन की साझेदारी की, लेकिन डकेट 34 रन बनाकर स्टार्क की यॉर्कर पर बोल्ड हो गए।

इसके बाद बेथेल की जगह अप्रत्याशित रूप से नंबर तीन पर तेज़ गेंदबाज़ ब्रायडन कार्स आए, लेकिन वह केवल आठ गेंदों में ही झाय रिचर्डसन की गेंद पर कैमरन ग्रीन को कैच थमा बैठे।

इसके बाद क्रॉली स्कॉट बोलैंड की गेंद पर बोल्ड हुए और उसी गेंदबाज़ पर उस्मान ख़्वाजा ने बेथेल का कैच लिया। उस समय इंग्लैंड को सिर्फ़ 10 रन चाहिए थे।

इसके बाद ब्रूक और स्मिथ ने औपचारिकता पूरी की, हालांकि उससे पहले रिचर्डसन ने जो रूट (15) को एलबीडब्ल्यू किया और स्टार्क ने स्टोक्स (2) को आउट किया।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने कहा, “यह एक पेचीदा और तेज़ मैच था। अगर हम दोनों पारियों में 50–60 रन और बना लेते तो नतीजा अलग हो सकता था। पिच उम्मीद के मुताबिक खेली, लेकिन गेंद नरम होने के बाद वैसा व्यवहार नहीं कर पाई जैसा मैंने सोचा था।

दो दिनों में 36 विकेट गिरना बताता है कि पिच उम्मीद से ज़्यादा मददगार थी।”

पहले दिन की तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ी में 20 विकेट गिरे थे—ऑस्ट्रेलिया 152 पर और इंग्लैंड 110 पर सिमट गया था। यह पर्थ में सीरीज़ के पहले टेस्ट के पहले दिन गिरे 19 विकेटों से भी ज़्यादा था और 1909 के बाद एशेज़ टेस्ट के पहले दिन सबसे अधिक विकेट थे।

हालांकि ट्रैक पर 10 मिमी घास होने के कारण यह गेंदबाज़ों के लिए जन्नत साबित हुई, लेकिन कई पूर्व दिग्गजों ने पिच को “हद से ज़्यादा मददगार” और “बल्लेबाज़ों के लिए अनुचित” बताया।

दूसरी पारी में नाइटवॉचमैन स्कॉट बोलैंड विकेटकीपर स्मिथ को कैच देकर आउट हुए और इसी दौरान उनके बाएँ हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया।

जोश टंग पहले दिन के आख़िरी दो विकेट लेने के बाद हैट्रिक पर आए, लेकिन जेक वेदराल्ड ने उनकी फुल गेंद पर तीन रन ले लिए।

स्टोक्स ने वेदराल्ड (5) को इनस्विंगर पर बोल्ड किया। मार्नस लाबुशेन ट्रैविस हेड के साथ जुड़े, लेकिन वह केवल आठ रन बनाकर टंग की गेंद पर स्लिप में जो रूट को कैच दे बैठे।
हेड शानदार लय में थे, लेकिन ब्रायडन कार्स की बेहतरीन गेंद पर 46 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नौ गेंदों में उस्मान ख़्वाजा (0) और एलेक्स केरी (4) के विकेट गिरने से इंग्लैंड फिर हावी हो गया।

लंच तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 98/6 था। इसके बाद ग्रीन (19) स्टोक्स की उछाल लेती गेंद पर स्लिप में हैरी ब्रूक को कैच दे बैठे।

स्टीव स्मिथ 24 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि कार्स ने नेसर और स्टार्क को शून्य पर आउट किया और रिचर्डसन स्टोक्स की गेंद पर आउट हुए। आख़िरी चार विकेट सिर्फ़ 13 रनों में गिर गए और इंग्लैंड ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।