‘हर मौका भुनाना जरूरी है’: हार्दिक पांड्या ने इस सीजन मुंबई इंडियंस की खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल!

मुंबई इंडियंस को बुधवार को आईपीएल मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद कप्तान हार्दिक पांड्या ने पूरे सीजन की सबसे बड़ी कमजोरी टीम की खराब फील्डिंग को बताया।

हार्दिक ने खासतौर पर केकेआर के खिलाफ मैच पर बात करते हुए कहा कि उस तरह की पिच पर मुंबई इंडियंस लगभग 20 रन कम बना पाई।

मैच के बाद हार्दिक ने कहा, “निश्चित तौर पर बल्लेबाजी के तौर पर हम 20 रन पीछे रह गए। पावरप्ले में हमने काफी विकेट गंवा दिए। अगर मैं और तिलक वर्मा थोड़ी देर और टिक जाते और कुछ साझेदारियां बना लेते, तो हम 15-20 रन और जोड़ सकते थे। तब हमारे पास मैच जीतने का बेहतर मौका होता।”

हार्दिक ने पूरे सीजन की फील्डिंग पर नाराजगी जताते हुए कहा, “मुझे लगता है कि पूरे सीजन हमारी फील्डिंग काफी खराब रही है। हमने बहुत सारे कैच छोड़े हैं। जाहिर है कोई जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहता, लेकिन इस हिस्से में छिपने की कोई जगह नहीं होती। अगर आपको मैच जीतना है, तो हर मौका भुनाना जरूरी है, यहां तक कि आधे मौके भी।”

उन्होंने आगे कहा, “जब आप ऐसे कैच छोड़ते हैं जो मैच बदल सकते हैं, तब आपको हमेशा मैच के पीछे भागना पड़ता है।”

हार्दिक ने ईडन गार्डन्स की पिच की तारीफ भी की और कहा कि इस विकेट पर गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिली, जबकि आजकल आईपीएल पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में झुक गया है।

उन्होंने कहा, “सच कहूं तो मुझे ऐसी पिचों पर खेलना पसंद है जहां गेंदबाजों के लिए भी कुछ हो। आईपीएल अब काफी बल्लेबाजों का खेल बन गया है और गेंदबाज खुद को बेबस महसूस करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आज की पिच ने गेंदबाजों को भी मौका दिया। इससे बल्लेबाजों को अच्छे शॉट खेलने पड़ते हैं और रन बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। मुझे यह मुकाबला काफी पसंद आया।”

वहीं, केकेआर के बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल, जिन्होंने 40 रन की मैच जिताऊ पारी खेली, ने कहा कि यह विकेट उन्हें कैरेबियाई पिचों जैसी लगी।

पॉवेल ने कहा, “मैंने कहा था कि यह एक टिपिकल कैरेबियन विकेट है। यह आईपीएल की उन पिचों जैसी नहीं थी जहां गेंद आसानी से बल्ले पर आती है। यहां गेंद थोड़ी रुक रही थी, इसलिए मुझे समझ आ गया था कि इस पर कैसे बल्लेबाजी करनी है।”

उन्होंने बताया कि उनकी योजना मैदान के छोटे हिस्से को टारगेट करने की थी।

पॉवेल ने कहा, “स्कोर ही बता रहा था कि बस अच्छी शुरुआत चाहिए थी। उसके बाद छोटे साइड की बाउंड्री को निशाना बनाना था। यह उन आसान विकेटों में से नहीं थी जहां गेंद सीधे बल्ले पर आती है।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन टीम की जीत में योगदान देना हमेशा अच्छा लगता है।”

प्लेऑफ की रेस पर बात करते हुए पॉवेल ने कहा कि टीम फिलहाल सिर्फ अपना आखिरी लीग मैच जीतने पर ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा, “यही क्रिकेट की खूबसूरती है। हमारे लिए जरूरी है कि हम सिर्फ अगले मैच पर फोकस करें। क्वालिफाई करेंगे या नहीं, इसकी ज्यादा चिंता नहीं कर रहे। अभी हमारा लक्ष्य सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना है, बाकी जो होगा देखा जाएगा।”