एक और वर्ल्ड कप फाइनल, इतिहास रचने का लियोनेल मेसी के पास फिर सुनहरा मौका!

लियोनेल मेसी अपना सबसे बड़ा सपना पहले ही पूरा कर चुके हैं। 2022 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताने के बाद उन्होंने फुटबॉल इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया था। लेकिन बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है। मेसी की शानदार कप्तानी और दो बेहतरीन असिस्ट की बदौलत अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बना ली।

मैच की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए अच्छी नहीं रही। इंग्लैंड के एंथनी गॉर्डन ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी, जिससे अर्जेंटीना दबाव में आ गया। लेकिन मैच के आखिरी पलों में मेसी ने अपनी जादुई प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया।

39 वर्षीय मेसी ने पहले 85वें मिनट में एंजो फर्नांडेज़ के लिए शानदार पास देकर बराबरी का गोल करवाया। इसके कुछ ही मिनट बाद उन्होंने लाउतारो मार्टिनेज़ के लिए बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर मार्टिनेज़ ने शानदार हेडर लगाकर विजयी गोल दाग दिया और अर्जेंटीना को एक और विश्व कप फाइनल में पहुंचा दिया।

मैच के बाद मेसी ने कहा कि यह जीत उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे अर्जेंटीना के लिए बेहद खास है।

उन्होंने कहा, “ये बेहद खास एहसास हैं। हमें पता था कि यह मुकाबला अर्जेंटीना के लोगों के लिए कितना मायने रखता है और हम भी उतनी ही शिद्दत से इसे जीतना चाहते थे। यह मुकाबला हमेशा से हमारे लिए खास रहा है।”

हालांकि मेसी खुद गोल नहीं कर सके, लेकिन उनके दो असिस्ट ही अर्जेंटीना को जीत दिलाने के लिए काफी साबित हुए।

भले ही वह 1986 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ दिए गए डिएगो माराडोना के ऐतिहासिक प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए, लेकिन वह पहले ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक की बराबरी कर चुके हैं। मेसी ने 2022 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताकर वही सपना पूरा किया, जो कभी माराडोना ने पूरा किया था।

इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने विश्व कप सेमीफाइनल में अपना शानदार रिकॉर्ड भी बरकरार रखा। अब मेसी लगातार दूसरे और अपने करियर के तीसरे विश्व कप फाइनल में उतरेंगे।

मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की नजर अब लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने पर है। अगर वह ऐसा करने में सफल रहता है, तो 1962 में ब्राज़ील के बाद विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली पहली टीम बन जाएगा।

इसके साथ ही 2014 विश्व कप फाइनल खेलने वाली अर्जेंटीना टीम के इकलौते बचे खिलाड़ी मेसी, ब्राज़ील के दिग्गज काफू के बाद तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले दुनिया के केवल दूसरे फुटबॉलर बन जाएंगे।

मेसी ने कहा, “लगातार दो विश्व कप फाइनल खेलना अविश्वसनीय एहसास है।”

पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना ने शानदार जुझारूपन दिखाया है। प्री-क्वार्टर फाइनल में टीम ने 2-0 से पिछड़ने के बाद मिस्र को 3-2 से हराया था। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ भी अधिकांश दूसरे हाफ में पीछे रहने के बावजूद टीम ने शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।

मेसी ने कहा, “एक बार फिर हमने तब जीत हासिल करने का रास्ता खोज लिया, जब हालात हमारे पक्ष में नहीं थे। हमने कभी भरोसा नहीं खोया।”

यह मुकाबला मेसी के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि भी लेकर आया। उन्होंने छह विश्व कप टूर्नामेंट में अपना रिकॉर्ड 33वां विश्व कप मैच खेला।

मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने भी मेसी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरे मैच में मेसी को रोककर रखना लगभग नामुमकिन है।

केन ने कहा, “ज्यादातर समय तक मुझे लगा कि हमने मेसी को अच्छी तरह रोके रखा है। लेकिन मेसी जैसे खिलाड़ियों को मैच का रुख बदलने के लिए अंतिम तीसरे हिस्से में सिर्फ एक पल की जरूरत होती है और उन्होंने बिल्कुल वही किया। यही वजह है कि उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है।”

कई लोग पहले से ही मेसी को फुटबॉल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी मानते हैं। अगर वह रविवार को होने वाले फाइनल में स्पेन के खिलाफ अर्जेंटीना को एक और विश्व कप खिताब दिलाने में सफल रहते हैं, तो यह बहस और भी मजबूत हो जाएगी कि लियोनेल मेसी वास्तव में फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।