
भारत के पूर्व बल्लेबाज़ संजय मांजरेकर का मानना है कि चूंकि भारतीय टीम अब अधिकतर टी20 क्रिकेट विदेशी परिस्थितियों में खेलेगी, इसलिए चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों को दोष देने के बजाय ऐसे खिलाड़ियों का चयन करना चाहिए जिन पर “आईपीएल का मेकअप” हावी न हो।
मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत का हालिया दौरा बेहद निराशाजनक रहा। टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 से हार गई और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 0-4 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। पिछले तीन वर्षों में यह पहला मौका था जब भारत किसी टी20 सीरीज या टूर्नामेंट में पराजित हुआ।
संजय मांजरेकर ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “सबसे आसान काम खिलाड़ियों को इस विदेशी टी20 असफलता के लिए जिम्मेदार ठहराना होगा। लेकिन सही बात यह होगी कि उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाए जिन्होंने आईपीएल को ऐसा बना दिया है कि भारतीय बल्लेबाज़ों पर उसका भारी ‘मेकअप’ चढ़ जाता है।”
उन्होंने आगे लिखा, “चुनौती चयनकर्ताओं के सामने यह है कि वे भारतीय बल्लेबाज़ों को आईपीएल के इस भारी मेकअप के बिना देखें और केवल उन्हीं खिलाड़ियों को भारत के लिए चुनें जो विदेशी परिस्थितियों में सफल हो सकें। अब आगे काफी टी20 क्रिकेट विदेशों में खेला जाएगा। घरेलू मैदानों पर मिलने वाला आसान रन बनाने का दौर खत्म हो चुका है।”
टी20 सीरीज के बाद भारत इंग्लैंड में तीन वनडे मैच खेलेगा। इसके बाद टीम 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। वहीं अक्टूबर-नवंबर में मौजूदा विश्व चैंपियन भारत न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगा, जहां दो टेस्ट, पांच टी20 और पांच वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी।
आईपीएल पर लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि बल्लेबाज़ों के अनुकूल पिचों और गेंदबाज़ों के लिए कम मदद वाली परिस्थितियों के कारण यह पारंपरिक बल्लेबाज़ी की बजाय केवल पावर-हिटिंग को बढ़ावा देता है। आलोचकों का मानना है कि छोटी बाउंड्री और बल्लेबाज़ों के लिए अनुकूल परिस्थितियां खिलाड़ियों को केवल बड़े शॉट खेलने की आदत डाल रही हैं, जबकि विदेशी परिस्थितियों में जहां गेंद अधिक मूव करती है, वहां पारी बनाने की कला प्रभावित होती है।
इसके अलावा, ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम की भी लगातार आलोचना हो रही है। माना जाता है कि इस नियम के कारण टीमें अक्सर एक विशेषज्ञ गेंदबाज़ की जगह विशेषज्ञ बल्लेबाज़ को उतारती हैं, जिससे अच्छे ऑलराउंडरों का विकास प्रभावित हो रहा है। हाल ही में पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल ने भी भारत में ऑलराउंडरों की कमी के लिए आईपीएल के ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को जिम्मेदार ठहराया था।








