
आयरलैंड के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हुई दो मैचों की टी20 सीरीज के लिए जब वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया, तो क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खिंच गया। गुरुवार को लंबे नेट सेशन के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर समेत भारतीय टीम के सीनियर कोचिंग स्टाफ को वैभव से बातचीत करते हुए भी देखा गया।
हालांकि, पहले टी20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में वैभव को जगह नहीं मिली। अगर 15 साल और 91 दिन की उम्र में उन्हें मौका मिलता, तो वह भारत (पुरुष और महिला दोनों) की ओर से डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाते।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, “दुर्भाग्य से नहीं (वैभव नहीं खेल रहे हैं)। वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन हमारी टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, इसलिए हम उनका समर्थन कर रहे हैं। सही समय आने पर वैभव को भी मौका जरूर मिलेगा।”
भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड फिलहाल शेफाली वर्मा (15 साल, 239 दिन) के नाम है, जबकि पुरुष क्रिकेट में यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर (16 साल, 205 दिन) के नाम दर्ज है।
वैभव को मौका न मिलने की सबसे बड़ी वजह भारत का मजबूत टॉप ऑर्डर माना जा रहा है। टी20 विश्व कप में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में वैभव को मौका देने के लिए इनमें से किसी एक को बाहर करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं था।
भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने गुरुवार को कहा था, “मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव को उनका हक और मौका जरूर मिलेगा। लेकिन सिर्फ उन्हें मौका देने के लिए उस खिलाड़ी को बाहर करना सही नहीं होगा जो लगातार रन बना रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “किसी खिलाड़ी को मौका देने और दूसरे खिलाड़ी के साथ नाइंसाफी करने के बीच बहुत बारीक फर्क होता है।”
कोटक का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में टी20 फॉर्मेट के लिए इतनी प्रतिभाएं मौजूद हैं कि चयनकर्ताओं के लिए भी टीम चुनना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि वह खुद इस बात से राहत महसूस करते हैं कि उन्हें टीम चयन का फैसला नहीं लेना पड़ता।
उन्होंने कहा, “अगर आप मुझसे पूछें तो भारत में इतना टैलेंट है कि चयनकर्ताओं के लिए भी यह सिरदर्द है। सच कहूं तो मेरे लिए यह उतनी बड़ी परेशानी नहीं है क्योंकि मैं न तो मुख्य कोच हूं और न ही कप्तान। लेकिन कई बार फैसला लेना बहुत मुश्किल होता है।”
कोटक ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि जो खिलाड़ी पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जो लगातार रन बना रहे हैं और टीम को मैच जिता रहे हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। बीसीसीआई की व्यवस्था ऐसी है कि नए खिलाड़ी लगातार आते रहेंगे।”








