
गुरुवार को ग्रुप ई के अपने आखिरी मुकाबले में जुझारू इक्वाडोर ने जर्मनी को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप के अंतिम-32 में जगह बना ली। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए इक्वाडोर को हर हाल में जीत या किसी चमत्कार की जरूरत थी, लेकिन उसकी शुरुआत बेहद खराब रही, क्योंकि पहले ही क्वालिफाई कर चुकी जर्मनी ने मैच के दूसरे मिनट में ही गोल कर दिया।
लेरॉय साने ने बाएं पैर से शानदार फिनिश करते हुए गोल दागा। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के 15वें मैच में किसी बड़े टूर्नामेंट में पहला गोल था।
इक्वाडोर ने इस टूर्नामेंट में पहले 39 शॉट लगाए थे, लेकिन एक भी गोल नहीं कर पाया था। आखिरकार उसका 40वां प्रयास सफल रहा। नौवें मिनट में निल्सन अंगुलो ने शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर मैनुअल नोयर को छकाया और गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ ही इक्वाडोर के प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मैच का निर्णायक गोल 78वें मिनट में आया, जब कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज के फ्लिक-ऑन के बाद गोंजालो प्लाटा ने तेजी दिखाते हुए गेंद को नोयर के पास से गोल में पहुंचा दिया। इस यादगार 2-1 की जीत के साथ न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में मौजूद खचाखच भरे दर्शकों ने जोरदार जश्न मनाया और इक्वाडोर ने विश्व कप में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं।
हार के बावजूद जर्मनी छह अंकों के साथ ग्रुप ई में शीर्ष पर रहा और पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुका था। आइवरी कोस्ट ने कुराकाओ को 2-0 से हराकर समान अंक हासिल किए, लेकिन गोल अंतर के आधार पर दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, इक्वाडोर सर्वश्रेष्ठ आठ तीसरे स्थान की टीमों में शामिल होकर अगले दौर में पहुंच गया।
जर्मनी लगातार तीसरी ग्रुप जीत और कुल 12वीं लगातार जीत की तलाश में था, लेकिन उसकी रक्षापंक्ति की कमजोरियां एक बार फिर सामने आ गईं। टीम ने ग्रुप चरण के तीनों मैचों में गोल खाए।
जर्मनी ने शानदार शुरुआत की जब फ्लोरियन विर्ट्ज़ ने तेजी से थ्रो-इन लिया और लेरॉय साने को पास दिया। साने ने बॉक्स के अंदर से शांत दिमाग से गोल कर दिया। इक्वाडोर ने दावा किया कि इस मूव की शुरुआत में अलेक्जेंडर पावलोविच का पैर पेड्रो वीते के सिर के काफी ऊपर लगा था, लेकिन रेफरी टोरी पेंसो ने गोल को मान्य करार दिया।
आइवरी कोस्ट से हार और कुराकाओ से ड्रॉ के बाद मैदान में उतरे इक्वाडोर ने तुरंत जवाब दिया। निल्सन अंगुलो ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को दूर वाले कोने में पहुंचाया, जहां नोयर भी उसे रोक नहीं सके।
दूसरे हाफ में एक और विवाद देखने को मिला, जब काई हावर्ट्ज़ को जोएल ऑर्डोनेज़ द्वारा गिराए जाने पर जर्मनी को पेनल्टी दी गई। हालांकि, VAR समीक्षा के बाद रेफरी पेंसो ने फैसला बदल दिया और माना कि इस मूव की शुरुआत में जर्मनी की ओर से फाउल हुआ था।
इसके बाद दोनों टीमों को ज्यादा साफ मौके नहीं मिले। आखिरकार मैच खत्म होने से 12 मिनट पहले प्लाटा ने कॉर्नर से आए फ्लिक-ऑन पर करीब से गोल कर दिया और इक्वाडोर के प्रशंसकों के बीच जश्न की लहर दौड़ गई।








