
बांग्लादेश ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप से हटने के फैसले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। सोमवार को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
देश के युवा एवं खेल मंत्रालय ने कहा कि यह जांच समिति भारत और श्रीलंका की सह-मेजबानी में होने वाले टूर्नामेंट में बांग्लादेश की गैर-भागीदारी के पीछे की परिस्थितियों की जांच करेगी।
सचिव महबूब उल आलम ने बताया कि समिति की अध्यक्षता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. एकेएम ओली उल्लाह करेंगे। समिति में पूर्व बांग्लादेश कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशर के साथ सुप्रीम कोर्ट के वकील और खेल आयोजक बैरिस्टर फैसल दस्तगीर भी शामिल होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, समिति यह जांच करेगी कि बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला क्यों लिया और क्या प्रशासनिक, कूटनीतिक या योजना स्तर पर कोई विफलता हुई थी। समिति को 15 कार्यदिवसों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप से पहले सुरक्षा चिंताएं जताई थीं और अनुरोध किया था कि उसके मैच भारत की बजाय श्रीलंका में कराए जाएं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इस मांग को मंजूरी नहीं दी।
इसके बाद, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने यह कहते हुए निर्धारित मैच खेलने से इनकार कर दिया कि उनकी सुरक्षा चिंताओं का पूरी तरह समाधान नहीं किया गया है। इसके चलते ICC ने 20 टीमों वाले टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।
यह फैसला तब लिया गया, जबकि ICC लगातार कहता रहा कि भारत में बांग्लादेश टीम के खिलाफ किसी भी तरह के विश्वसनीय या पुष्ट सुरक्षा खतरे की जानकारी नहीं है।
अमीनुल हक के युवा एवं खेल मंत्री बनने के बाद सरकार ने इस फैसले की औपचारिक जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने का वादा किया था।








