
टी20 क्रिकेट में जहां पावर-हिटिंग का बोलबाला है, वहीं पंजाब किंग्स के बल्लेबाज़ कूपर कॉनॉली एक अलग सोच रखते हैं। उनका मानना है कि सफलता सिर्फ ताकत से नहीं, बल्कि टाइमिंग, गति और भरोसे से भी हासिल की जा सकती है।
22 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने अपने आईपीएल डेब्यू में शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 गेंदों में नाबाद 72 रन बनाए और पंजाब किंग्स को गुजरात टाइटंस के खिलाफ तीन विकेट से जीत दिलाई।
इस पारी के बाद कॉनॉली का विश्वास और मजबूत हुआ कि टी20 में सफल होने के कई तरीके हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “हर खिलाड़ी की अपनी ताकत होती है और मैं अपनी ताकत पर ही टिके रहना चाहता हूं। पावर अब टी20 का बड़ा हिस्सा बन गया है, लेकिन इसके अलावा भी कई तरीके हैं और मैं उन्हें समझने और सीखने की कोशिश कर रहा हूं।”
कॉनॉली अपने मौजूदा खेल से संतुष्ट हैं और मानते हैं कि उनका टेम्पो आधारित खेल उन्हें टीम के लिए खास बनाता है। हालांकि, वह अपने खेल में धीरे-धीरे बदलाव लाने के लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “मैं पिछले पांच-छह साल से जो काम कर रहा हूं, उसी पर कायम रहूंगा और धीरे-धीरे उसमें छोटे-छोटे बदलाव जोड़ता रहूंगा।”
आईपीएल में अपनी रणनीति के बारे में बात करते हुए कॉनॉली ने बताया कि वह स्पिन गेंदबाज़ों पर दबाव बनाकर कप्तान को तेज गेंदबाज़ों को वापस लाने के लिए मजबूर करना चाहते हैं, क्योंकि वहीं उनका खेल बेहतर चलता है।
उन्होंने कहा, “अब तक पिचें बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी रही हैं। मैं कोशिश करता हूं कि स्पिनरों पर दबाव डालूं ताकि कप्तान तेज गेंदबाज़ों को वापस लाए, क्योंकि मुझे लगता है कि मैं पेस के खिलाफ बेहतर खेलता हूं।”
उन्होंने यह भी माना कि स्पिन के खिलाफ खेलना चुनौतीपूर्ण होता है और हर बार आक्रामक खेल संभव नहीं होता, इसलिए स्थिति के अनुसार खुद को ढालना जरूरी है।
“मेरा लक्ष्य यही है कि जितना हो सके खेल पर नियंत्रण रखूं और गेंद को मजबूती से हिट करूं। लेकिन जब स्पिनर्स सामने हों, तो यह समझना भी जरूरी है कि हर बार वही रणनीति काम नहीं करेगी,” उन्होंने कहा।
कॉनॉली का यह संतुलित और समझदारी भरा नजरिया टी20 क्रिकेट में एक अलग सोच को दर्शाता है, जहां सिर्फ ताकत ही नहीं बल्कि समझ और टाइमिंग भी उतनी ही अहम है।








