भारतीय मूल के अमेरिकी खिलाड़ी निशेश बसवारेड्डी ने रोलां गैरोस में सातवीं वरीयता प्राप्त टेलर फ्रिट्ज़ को बाहर किया।

भारतीय मूल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी निशेश बसावरेड्डी ने अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए फ्रेंच ओपन के पहले दौर में सातवीं वरीयता प्राप्त टेलर फ्रिट्ज को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। रोलां गैरो में टूर्नामेंट के शुरुआती दिन यह सबसे चौंकाने वाले नतीजों में से एक रहा।

21 वर्षीय वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी निशेश, जो दुनिया में 148वीं रैंक पर हैं, को अपने ही देश के खिलाड़ी फ्रिट्ज को हराने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी, खासकर शुरुआती तीन सेटों में। लेकिन निशेश ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और पहले दो सेट टाई-ब्रेक में जीत लिए। इसके बाद चौथे सेट में उन्होंने पूरी तरह मैच पर नियंत्रण कर लिया और अपने करियर की पहली फ्रेंच ओपन जीत दर्ज की। निशेश ने मुकाबला 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से जीता।

फ्रिट्ज घुटने की चोट के कारण सीमित मैच प्रैक्टिस के साथ टूर्नामेंट में उतरे थे और इस साल के फ्रेंच ओपन से बाहर होने वाले पहले टॉप सीड खिलाड़ी बन गए।

तेलंगाना, भारत से अमेरिका गए माता-पिता के बेटे निशेश ने इस जीत को अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। कैलिफोर्निया में जन्मे निशेश को अमेरिकी टेनिस का उभरता हुआ सितारा माना जाता है। उन्होंने यूएसटीए रोलां गैरो वाइल्ड कार्ड चैलेंज जीतकर फ्रेंच ओपन के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई थी।

उन्होंने कहा, “बिल्कुल, यह मेरी सबसे बड़ी जीत है। क्या शानदार मैच था। टेलर बेहतरीन खिलाड़ी हैं, इसलिए उन्हें हराकर मैं बेहद खुश हूं, खासकर तीसरा सेट हारने के बाद वापसी करना आसान नहीं था। मेरा पहला फ्रेंच ओपन मेन ड्रॉ और दर्शकों का इतना समर्थन… यह अविश्वसनीय है।”

इस जीत के साथ निशेश ने अपने करियर की पहली टॉप-10 खिलाड़ी पर जीत हासिल की। वह साल 2000 के बाद रोलां गैरो में किसी टॉप-10 खिलाड़ी को हराने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी भी बन गए हैं।

अब दूसरे दौर में उनका सामना अमेरिकी खिलाड़ी एलेक्स मिशेलसन और कजाकिस्तान के अलेक्जेंडर शेवचेंको के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।